
उआज की हमारी चर्चा का केंद्र उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र है। यह आकाश मण्डल में मौजूद बारहवां नक्षत्र है जो १४६.४० डिग्री से लेकर १६० डिग्री तक गति करता है। उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी सूर्यदेव, नक्षत्रदेव आर्यमा और राशि स्वामी सूर्य तथा बुद्धदेव हैं। यदि आपके कोई सवाल हैं अथवा आप हमें कोई सुझाव देना चाहते हैं तो आप हमारी वेबसाइट पर विज़िट कर सकते हैं। आपके प्रश्नों के यथा संभव समाधान के लिए हम वचन बद्ध हैं।
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र दो तारों से मिलकर बनता है। आकाश मण्डल में इसकी आकृति शयन शैया अथवा चार पाई के पिछले दो पैरों जैसी प्रतीत होती है। उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी सूर्य हैं और यह नक्षत्र सिंह राशि की २६.४० डिग्री से कन्या राशि में १० डिग्री तक गति करता है। इस नक्षत्र के देवता आर्यमा हैं। इसलिए उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के जातकों के जीवन पर सूर्य व्बुद्ध का प्रत्यक्ष प्रभाव देखा जा सकता है। नक्षत्र व्प्रथम चरण के स्वामी सूर्य होने की वजह से जातक पर सूर्य देव का प्रभाव बहुत बढ़ जाता है।
नक्षत्र स्वामी : सूर्य
नक्षत्र देव : आर्यमा
राशि स्वामी : सूर्य
विंशोत्तरी दशा स्वामी : सूर्य ( प्रथमचरण ), बुद्ध ( अंतिमतीनचरण )
चरण अक्षर : टे, टो, पा, पि
वर्ण : क्षत्रीय
गण : मनुष्य
योनि : गौ
पक्षी : मोर
तत्व : अग्नि
प्रथम चरण : गुरु
द्वितीय चरण : शनि
तृतीय चरण : शनि
चतुर्थ चरण : गुरु
वृक्ष : रुद्राक्ष, ( अक्ष, पाखर )
बीज मंत्र : ॐछं
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र जातक की कुछ विशेषताएं व्जीवन
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के जातक लम्बे, बलवान, नाक थोड़ी लम्बी, आकर्षक होते हैं और दूसरों की सेवा करना तथा रिसर्च इनका सहज स्वाभाव होता है। जीवन के अड़तीसवें वर्ष से स्थाई उन्नति करते है। परोपकार की भावना इन जातकों में भरपूर होती है। ये बहुत ईमानदार होते हैं, धीमा या सॉफ्ट भाषा में बात करने वाली होते हैं। धोखाधड़ी इनका स्वभा वही नहीं है। पूरी लगन से कार्य संपन्न करते हैं। इन जातकों में अनुसन्धान की गजब की क्षमता होती है। ये रिसर्चर भी हो सकते हैं और समाज सेवा से जुड़े प्रोफेशन में भी जा सकते हैं, बहुत अच्छे टीचर और उम्दा कलाकार या मॉडल भी होते हैं। उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में जन्मे जातक संतोषी होते हैं। इनकी चाहना परम सुख को (मोक्ष) पाने की होती है और ये निरंतर इस पथ पर अग्रसर भी होते हैं।
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में उत्पन्न जातिकाएँ माध्यम कद काठी की, सुन्दर, सुशील, मृदुभाषिणी होती हैं व्सम्मानित होती हैं। इनकी एजुकेशन काफी अच्छी रहती है। इन्हें दूसरों की सेवा से सुकून की प्राप्ति होती है। ऐसी जातिकाओं को ऊंची आवाज़ में बात करना पसंद नहीं होता। अनुसन्धान में इनकी भी खासी रुचि होती है।
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के जातक/ जातिका की मैरिडलाइफ
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के जातक /जातिका दूसरों की भावनाओं का सम्मान करते हैं, परिस्थिति के अनुरुप स्वयं को ढालने में कुशल होते हैं, इनकी मैरिड लाइफ कामयाब रहती है।
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र जातक का स्वास्थ्य
मेरुदंड, आँतों, प्रजननअंग, बाएं हाथ और वायु से सम्बंधित रोग होने की संभावना रहती है। रोजाना बीज मन्त्र का १०८ बार उच्चारण करें आपकी रोग प्रतिकारक क्षमता में वृद्धि होती है, मानसिक तनाव दूर होता है, सफलता मिलने में सहायता प्राप्त होती है।
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र जातक शिक्षा व्व्यवसाय
अनुसन्धान (रिसर्च) इनका सहज गुण है इसलिए उच्च कोटि के अनुसंधानकर्ता हो सकते हैं। सामाजिक सेवा और पब्लिक रिलेशन में बहुत उम्दा परफॉर्म करने की सम्भावना रहती है। बहुत मेहनती होते हैं। बहुत अच्छे अध्यापक होते हैं, इनकी राइटिंग स्किल भी कमाल की होती है। ये बहुत अच्छे एक्टर हो सकते हैं। इस नक्षत्र की जातिकाएँ बहुत मशहूर एक्ट्रेस और मॉडल भी हो सकती हैं। ऊधर्व गामी ऊर्जा के स्वामी ऐसे जातक किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट सफलता तथा सम्मान पाने में पूर्णतया सक्षम होते हैं।
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