श्री बांके बिहारी मंदिर – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

श्री वृन्दावन धाम का श्री बाँके बिहारी मन्दिर सम्पूर्ण दुनिया में प्रसिद्ध है। बाँके का मतलब होता है टेढ़ा और बिहारी का मतलब बिहार करने वाला।




श्री बाँके बिहारी जी की सेवा एक बालक की तरह की जाती है। बाँके बिहारीजी की सेवा पद्धति की एक अलग ही निराली शैली है।

यहाँ प्रत्येक उत्सव बड़े धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जाता है। श्री बाँके बिहारीजी का श्रृंगार पर्वों के अनुसार ही किया जाता है। उत्सवों के अवसर पर फ़ूलों आदि से मन्दिर सजाया जाता है। यहाँ केवल राधा नाम की ही रट लगी रहती है “राधे राधे”। मन्दिर में प्रवेश करते ही अन्तः करण में एक दिव्य अनुभव होता है। बिहारीजी के नेत्र सभी को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। एक बार जो श्री बाँके बिहारी के दर्शन करता है, वो उन्हीं का होकर रह जाता है।

कैसे पहुंचे
सड़क से (By Road) :
वृन्दावन दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग सं० 2 पर स्थित है। बहुत सारी बसें दिल्ली, आगरा और मथुरा आदि के बीच चलती रहती हैं। बाँके बिहारी मन्दिर राष्टीय राजमार्ग पर स्थित छटीकरा गाँव से 6 किमी० दूर है। कई सारे टेम्पो मन्दिर के लिये हर समय उपलब्ध रहते हैं। मथुरा से वृन्दावन की दूरी 12 किमी० है। मथुरा से वृन्दावन बस, टेम्पो आदि से आराम से आया जा सकता है।

ट्रेन से (By Train) :
वृन्दावन का नजदीकी प्रमुख रेलवे स्टेशन मथुरा है। जो कि दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-चेन्नई लाइन पर अवस्थित है। देश के प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुम्बई, पुणे, चेन्नई, बैंगलोर, हैदराबाद, कोलकाता, ग्वालियर, देहरादून, इंदौर, आगरा आदि से कई सारी रेलगाड़ी मथुरा आती हैं।

हवाई जहाज से (By Aeroplane):
समीपवर्ती हवाई अड्डा आगरा है जो कि वृन्दावन से 67 किमी० है। नजदीकी अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा दिल्ली है। दिल्ली और वृन्दावन के मध्य पवन हंस की हैलीकाप्टर सेवा भी उपलब्ध है।










आरती समय

सुबह आरती

06:00 से 06:30

श्रंगार आरती

08:00 से 08:30

राजभोग आरती

11:00 से 11:30

शाम आरती

06:30 से 07 :00

शयन भोग

08:30 से 09 :00

शयन आरती

09:30

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