योग फल – अतिगण्ड योग

योग, मूल रूप से, सूर्य और चंद्रमा के संयोजन का उल्लेख करते हैं, जब एक नक्षत्र में जन्म होता है। वैदिक ज्योतिष में प्रतिपादित सत्ताईस नक्षत्रों के आधार पर कुल 27 विभिन्न योग हैं। ज्योतिषीय संयोजन या निति योग किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व लक्षणों को समझने में मदद करते हैं। नित्य योग की गणना गणितीय … Read more

ऐसे पूरी हो सकती है धन की कामना

धन, जीवन की उन जरूरतों का विकल्प है, जिनसे हम भौतिक संसाधन जुटा सकते हैं। ऐसे में यदि अपना घर वास्तु के लिहाज से बनवाएं तो जाहिर है आपको अपने नए घर में धन की कभी कमी महसूस नहीं होगी। इसीलिए घर बनवाते समय कुछ आसान से वास्तु टिप्स जरूर आजमाने चाहिए। जो यहां मौजूद … Read more

वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोई घर

वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोई घर हमेशा आग्नेय कोण में रखना चाहिए यानि दक्षिण – पूर्व दिशा में आग्नेय कोण मे रसोईघर – दक्षिण-पूर्व दिशा :आग्नेय कोण में रसोई घर बनाना सबसे अच्छा मान गया है। इस स्थान में रसोई होने से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है। घर के सदस्य स्वस्थ्य जीवन व्यतीत … Read more

यह काम हम सबको जरूर करना चाहिए

हम सभी जानते हैं कि हमारी दैनिक दिनचर्या में कुछ बेहद जरूरी काम है जो करने ही चाहिए। इन्हें संस्कारों के नाम से जाना जाता है। आइए अपने बच्चों के साथ खुद भी सीखें कि वे कौन से 9काम है जो हम सभी को करना चाहिए- प्रात: सूर्योदय से पूर्व उठना, स्नान, … Read more

योग फल – सुकर्मा योग

योग, मूल रूप से, सूर्य और चंद्रमा के संयोजन का उल्लेख करते हैं, जब एक नक्षत्र में जन्म होता है। वैदिक ज्योतिष में प्रतिपादित सत्ताईस नक्षत्रों के आधार पर कुल 27 विभिन्न योग हैं। ज्योतिषीय संयोजन या निति योग किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व लक्षणों को समझने में मदद करते हैं। नित्य योग की गणना गणितीय … Read more

मंत्र जप में रखें ये सावधानियां, पूरी होगी सब मनोकामना

देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए या ग्रहों की शांति के लिए मंत्र जप को सबसे बेहतर उपाय माना गया है। मंत्रों को सिद्ध कर उनका जाप करने से मानव को विशेष फल की प्राप्ति होती है। मंत्रों को सनातन संस्कृति में विशेष शक्ति माना गया है। मंत्रों में शब्दों और उनकी आवृत्तियों का विशेष … Read more

योग फल – धृति योग

योग, मूल रूप से, सूर्य और चंद्रमा के संयोजन का उल्लेख करते हैं, जब एक नक्षत्र में जन्म होता है। वैदिक ज्योतिष में प्रतिपादित सत्ताईस नक्षत्रों के आधार पर कुल 27 विभिन्न योग हैं। ज्योतिषीय संयोजन या निति योग किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व लक्षणों को समझने में मदद करते हैं। नित्य योग की गणना गणितीय … Read more

बिना तोड़-फोड़ के कैसे दूर करें वास्तु दोष?

यदि भूखंड चौकोर नहीं हो, तो यह ज़रूर देख लें कि लंबाई चौड़ाई की दुगुनी से अधिक न हो. यदि लंबाई चौड़ाई से दुगुनी हो, तो अतिरिक्त भूभाग पर इंडिविज़ुअल कुछ डेवलप किया जा सकता है. फेंगशुई के अनुसार, घर के पूर्वोत्तर दिशा में तालाब या फाउंटेन शुभ होता है, पर इसके पानी का बहाव … Read more

किस देवता को चढ़ता है कौन सा प्रसाद

श्री गणेश :गणेशजी को मोदक या लड्डू अच्छा लगता है। इसके अलावा आप उन्हें बूंदी के लड्डू भी अर्पित कर सकते हैं। गणपति जी को गन्ने की गडेरी, जामुन, सूखी गरी और गुड़ बहुत ही प्रिय है।श्री राम भोग :भगवान श्रीरामजी को केसर युक्त खीर और पूरे घर के भोजन के साथ कलाकंद पसंद हैं।श्री … Read more

योग फल – गण्ड योग

योग, मूल रूप से, सूर्य और चंद्रमा के संयोजन का उल्लेख करते हैं, जब एक नक्षत्र में जन्म होता है। वैदिक ज्योतिष में प्रतिपादित सत्ताईस नक्षत्रों के आधार पर कुल 27 विभिन्न योग हैं। ज्योतिषीय संयोजन या निति योग किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व लक्षणों को समझने में मदद करते हैं। नित्य योग की गणना गणितीय … Read more