भागवत कथाः शेषजी के स्थानांतरण के बाद देवकी के गर्भ में श्रीहरि का आगमन
जब अधर्म और अत्याचार की सीमा पृथ्वी पर बढ़ जाती है, तब स्वयं भगवान को धर्म की पुनः स्थापना के लिए अवतरित होना पड़ता है। द्वापर युग में भी ऐसा ही हुआ। पृथ्वी का विलाप और श्रीहरि का वचन दैत्यों ने राजाओं का रूप धरकर पृथ्वी पर अत्याचार का तांडव आरंभ कर दिया। इससे आहत … Read more