पितृ पक्ष सर्व पितृ अमावस्या

पितृ पक्ष जिसे श्राद्ध या कानागत भी कहा जाता है, श्राद्ध पूर्णिमा के साथ शुरू होकर सोलह दिनों के बाद सर्व पितृ अमावस्या के दिन समाप्त होता है। हिंदू अपने पूर्वजों (अर्थात पितरों) को विशेष रूप से भोजन प्रसाद के माध्यम से सम्मान, धन्यवाद व श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। ऐसा माना जाता है कि श्राद्ध … Read more

श्राद्ध करने वाले मनुष्य होता है सौभाग्यशाली

पितरों के लिए श्रद्धा एवं कृतज्ञता प्रकट करने वाले को कोई निमित्त बनाना पड़ता है। यह निमित्त है श्राद्ध। पितरों के लिए कृतज्ञता के इन भावों को स्थिर रखना हमारी संस्कृति की महानता को प्रकट करता है। देवस्मृति के अनुसार श्राद्ध करने की इच्छा करने वाला व्यक्ति परम सौभाग्य पाता है। श्रद्धा से किए श्राद्ध … Read more

कौए हैं देवपुत्र श्राद्ध का भोजन उन्हें करें अर्पित

पौराणिक मान्यता है कि श्राद्ध पक्ष में कौवे दिवंगत परिजनों के हिस्से का खाना खाते हैं, तो पितरों को शांति मिलती है और उनकी तृप्ति होती है।लेकिन पितृ दूत कहलाने वाले कौवे आज नजर नहीं आते। बढ़ते शहरीकरण, पेड़ों की कटाई और ऊंची इमारतों के कारण प्रकृति का जो ह्रास हुआ है, उसने कौवों की … Read more

पितृपक्ष एक अवसर है पितरों को प्रसन्न करने का

श्राद्ध पक्ष का हिन्दू धर्म में बड़ा महत्व है। प्राचीन सनातन धर्म के अनुसार हमारे पूर्वज देवतुल्य हैं और इस धरा पर हमने जीवन प्राप्त किया है और जिस प्रकार उन्होंने हमारा लालन-पालन कर हमें कृतार्थ किया है उससे हम उनके ऋणी हैं। समर्पण और कृतज्ञता की इसी भावना से श्राद्ध पक्ष प्रेरित है, जो … Read more

किस तिथि पर किसका श्राद्ध करना चाहिए

पितृ पक्ष में सभी तिथियों का अलग-अलग महत्व है। आमतौर पर किसी व्यक्ति की मृत्यु जिस तिथि पर होती है, पितृ पक्ष में उसी तिथि पर श्राद्ध कर्म किए जाते हैं। पितृ पक्ष में किस तिथि पर किसका श्राद्ध होता है… पूर्णिमा,जिन लोगों की मृत्यु पूर्णिमा तिथि पर हुई हो, उनका श्राद्ध इस दिन पर … Read more

किस तरह से करें पितरों का तर्पण

इस समय पितरों का तर्पण करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है, और मोक्ष प्राप्त होता है। जिन लोगों को पितृ दोष लगता है उन्हें कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं। पितृदोष एक बहुत जटिल दोष माना गया है। कहा जाता है कि पितृ पक्ष में पूर्वज पृथ्वीलोक पर होते हैं इस समय … Read more

पितृ श्राद्ध आरम्भ – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

बहुत जिज्ञासा होती है आखिर ये पितृदोष है क्या? पितृ -दोष शांति के सरल उपाय पितृ या पितृ गण कौन हैं ?आपकी जिज्ञासा को शांत करती विस्तृत प्रस्तुति। पूर्णिमा श्राद्ध – 17/09/20241 प्रतिपदा श्राद्ध – 18/09/20242 द्वितीया श्राद्ध – 19/09/20243 तृतीया श्राद्ध- 20/09/20244 चतुर्थी श्राद्ध-21/09/20245 पंचमी श्राद्ध- 22/09/20246 षष्ठी श्राद्ध-23/09/20247 सप्तमी श्राद्ध- 24/09/20248 अष्टमी श्राद्ध- … Read more

जानें, क्या है “वास्तु” और कितनी पुरानी

वास्तु वस् धातु एवं तुण् प्रत्यय शब्द से निष्पत्ति होती है। जिसका अर्थ है-गृह निर्माण की ऎसी कला जो मनुष्य द्वारा निर्मित घर को विन-प्राकृतिक उत्पादों एवं उपद्रवों में बचाती है। वास्तु वस्तुत…पृथ्वी, जल, आकाश, वायु और अग्नि इस पांच तत्वों के समानुपातिक सम्मिश्रण का नाम है। इसके सही सम्मिश्रण से “बायो-इलैक्ट्रिक मैगनेटिक एनर्जी” की … Read more

इंडोनेशिया के प्रसिद्ध हिन्दू मंदिर

हमारे सनातन धर्म और भारतीय संस्कृत का प्रभाव न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में फैला हुआ है | विशेषकर इंडोनेशिया में प्राचीन हिन्दू मंदिर कई सदी पहले बनाये जा चुके है | यह मंदिर आने वाले पर्यटकों को लुभाते है साथ ही हमारे गौरवशाली सनातन धर्म की महिमा भी फैलाते है | आइये … Read more

सर्वपित्र अमावस्या – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

सर्वपित्र अमावस्या – पितृ पक्ष के अंतिम दिन सर्वपितृ अमावस्या या महालया अमावस्या के रूप में जाना जाता है। महालया अमावस्या पितृ पक्ष का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। जिन व्यक्तियों को अपने पूर्वजों की पुण्यतिथि की सही तारीख / दिन नहीं पता होता, वे लोग इस दिन उन्हें श्रद्धांजलि और भोजन समर्पित करके याद करते … Read more