हर्ष योग | हर्ष विपरीत राज योग |
विपरीत राज योग त्रिक भावों के स्वामियों के परस्पर स्थान परिवर्तन से बनता है. यह योग तीन प्रकार से बन सकता है. तीनों प्रकारों के नाम अलग अलग है. इन्हीं तीनों योगों में से एक योग है, हर्ष योग.. हर्ष योग कैसे बनता है. :जब कुण्डली में छठे भाव में पाप ग्रह हो या पाप … Read more