सौरमण्डल में ग्रह चलते कैसे हैं? जानिए ज्योतिष की ज़बान मे

सौरमण्डल और ग्रहों की ज्योतिषीय अवस्थाएँ ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के विभिन्न अवस्थाओं — जैसे वक्री, मार्गी, अतिचारी, मंदगामी, अस्त, स्तंभित — का विश्लेषण अत्यंत आवश्यक है। आइए इन शब्दों का अर्थ विस्तार से समझें: 1. वक्री ग्रह: जब कोई ग्रह सूर्य से पाँचवें से नवम भाव तक गोचर करता है, तब वह वक्री अवस्था … Read more

बुध होंगे दक्षिणमार्गी, इन राशियों को मिलेगा धन, सम्मान और तरक्की

4 जुलाई 2025 से बुध होंगे दक्षिणमार्गी — इन 5 राशियों की किस्मत बदलेगी ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को तर्क, वाणी, बुद्धि, संवाद और व्यापार का स्वामी माना गया है। जब यह ग्रह अपनी दिशा बदलता है, तो इसका प्रभाव गहरा और दूरगामी होता है। 4 जुलाई 2025, शुक्रवार की सुबह 9 बजकर 3 … Read more

क्या आप अपने गोत्र की असली शक्ति को जानते हैं?

यह कोई परंपरा नहीं है। कोई अंधविश्वास नहीं है। यह आपका प्राचीन कोड है। हम जब किसी धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेते हैं, तो पंडितजी अक्सर एक प्रश्न पूछते हैं — “आपका गोत्र क्या है?”कई लोग या तो संकोच करते हैं, या मुस्कुराकर कहते हैं — “हमें नहीं पता।”पर क्या आप जानते हैं — वह … Read more

हेजलनट्स के फायदे और नुकसान

हेजलनट्स कई तरह के लाभकारी पोषक तत्वों से समृद्ध होते हैं, जिसे खाने से शरीर को विभिन्न प्रकार से लाभ होता है। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूरएनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक वैज्ञानिक शोध में बताया गया है कि हेजलनट्स के अर्क में फैनोलिक कंपाउंड पाए जाते हैं। ये कंपाउंड एंटीऑक्सीडेंट की … Read more

अपनी कुंडली से जानें कौन से अशुभ भाव आपके जीवन में बनते हैं बाधा का कारण

ज्योतिष शास्त्र जन्म कुंडली का विश्लेषण में बहुत सी चीजों पर आधारित होता है. कुंडली में कुछ स्थान शुभ होते हैं तो कुछ स्थान अशुभ माने जाते हैं. शुभता एवं शुभता की कमी के कारण ग्रहों का असर काफी गहरे प्रभाव डालने वाला होता है. जन्म कुंडली के खराब स्थानों को दुस्थान की संज्ञा दी … Read more

शनि देवता के जन्म की कहानी

शनिदेव संक्षिप्त परिचय पुष्य, अनुराधा, और उत्तरा भाद्रपद नक्षत्रों के स्वामी शनि देव को तीनो लोकों का न्यायकर्ता कहा गया है। न्यायकर्ता का काम ही होता है उचित अनुचिकर्मों का फल प्रदान करना। अब यदि किसी के जीवन में शनि की महादशा, अन्तर्दशा या साढ़ेसाती चल रही है और वह कष्ट भोग रहा है तो … Read more

त्रिकटु चूर्ण के फायदे और नुकसान

त्रिकटु के फायदे करें पाचन में सुधार त्रिकटु चूर्ण पाचन में सुधार करने में मदद करता है, क्योंकि इससे शरीर में अग्नि तत्व बढ़ जाते हैं जिससे उचित पाचन होता है और भूख में वृद्धि होती है। पाचन विकार वाले व्यक्ति को भोजन से एक घंटे पहले आधे से लेकर एक चम्मच तक इसका सेवन … Read more

भेरी,पुष्कल,विरांची, शुभाचारी,कालसर्प,अखण्ड सम्राज्य योग – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

भेरी योग :भेरी योग में लग्नेश, शुक्र, ग्रुरु एक-दूसरे से केन्द्र में और नवमेश बली हो या शुक्र, बुध के पहले, दुसरे, सातंवे या बारहवें भाव में युति और दशमेश बली. यह योग व्यक्ति को दीर्घायु बनाता है. यह योग स्वास्थय के पक्ष से अनुकुल योग है. सत्ता और राजनीति में सफल होने में यह … Read more

राहु देवता के जन्म की कहानी

राहु संक्षिप्त परिचय राहु आठ श्याम वर्णी घोड़ों पर सवारी करते हैं। यदि राहु कुंडली में उच्च के हों तो जातक पर माँ दुर्गा की विशेष कृपा होती है। ऐसे जातक में उच्च कोटि के साधक होने के सारे गुण मौजूद होते हैं। उच्च का राहु जातक को बहुत बुद्धिमान बनाता है। जातक में इतना … Read more

शुक्र का वृषभ राशि में गोचर (29 जून 2025)

29 जून 2025 को दोपहर 2 बजे, सौंदर्य, प्रेम और भौतिक सुख-संपन्नता के कारक ग्रह शुक्र, अपनी उच्च प्रिय राशि मेष से निकलकर अपनी ही राशि वृषभ में प्रवेश करेंगे। यह गोचर कृत्तिका नक्षत्र में हो रहा है, जिसके स्वामी स्वयं सूर्य हैं। सूर्य आत्मबल, आत्मविश्वास और ऊर्जा का प्रतीक है, जबकि शुक्र प्रेम, कला, … Read more