सूरजमुखी के फायदे और नुकसान

सूरजमुखी के बीज विटामिन ई में समृद्ध होते हैं। ये बीज एंटीऑक्सिडेंट हैं जो मानव शरीर के भीतर मुक्त कणों को फैलने से रोकते हैं। ये मुक्त कण सेलुलर नुकसान और रोगों को बढ़ावा दे सकते हैं। सूरजमुखी के बीज विटामिन ई का प्राकृतिक स्रोत होते हैं। सूरजमुखी के बीज हृदय रोगों और मधुमेहके जोखिम … Read more

30 वर्षों बाद सावन में बना दुर्लभ केंद्र-त्रिकोण राजयोग – इन राशियों पर बरसेगा अप्रत्याशित धन और सौभाग्य 

वर्ष 2025 का सावन काल खगोलीय दृष्टि से अत्यंत विशेष बन गया है। 13 जुलाई को जब शनि देव मीन राशि में वक्री होंगे, तो एक अद्भुत और दुर्लभ योग का निर्माण होगा — केंद्र-त्रिकोण राजयोग। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, यह योग तभी बनता है जब केंद्र (प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, दशम भाव) और त्रिकोण (प्रथम, … Read more

चिकित्सा ज्योतिष : सभी रोग और व्याधि को जान लेने का अचूक माध्यम

ज्योतिष की एक शाखा चिकित्सा शास्त्र से संबंधित होती है. चिकित्सा का संबंध केवल चरक एवं आयुर्वेद से ही जुड़ा नहीं है अपितु यह ज्योतिष में कई योगों से भी संबंधित रहा है. ज्योतिष में रोग बिमारी, दुर्घटना प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले रोग सभी कुछ स्थान पाते हैं. छोटे से छोटा रोग हो या … Read more

रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग – 12 शिव ज्योतिर्लिंगों में एकादश की दिव्य गाथा

हिंदू धर्म की गहराइयों में जब हम ईश्वर की भक्ति, कर्तव्य और करुणा की बात करते हैं, तो भगवान श्रीराम का नाम foremost आता है। पर जब वही श्रीराम, शिव की भक्ति में लीन होकर स्वयं लिंग की स्थापना करें — तब वह स्थान केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि मोक्षदायिनी ऊर्जा का संगम बन जाता … Read more

सुआ के फायदे और नुकसान

डिल के बीज को हिंदी में सुआ (Sowa) या सूप (Soop) कहा जाता है। इसे अंग्रेजी में डिल सीड्स (Dill seeds) कहते हैं। नियमित रूप पके हुए डिल का सेवन पाचन तंत्र में सुधार करने में मदद करता है। यह कब्ज जैसी गंभीर स्थिति में मदद करता है। शिशुओं को एक से दो चम्मच ताजा डिल के पत्ते … Read more

छठे भाव या बारहवें भाव में बना धन योग

ज्योतिष के अनुसार शुभ या अशुभ ग्रहों के विशेष योग से एक प्रकार की युति बनती है जिसे योग कहते हैं. यह योग कई तरह से देखने को मिलते हैं इसमें योग कई प्रकार के होते हैं. कुछ योग शुभ होते हैं तो कुछ अशुभ तो कई बार शुभ अशुभ योग भी एक ही साथ … Read more

घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग – 12 शिव ज्योतिर्लिंगों में द्वादश की दिव्य गाथा

शिवभक्तों की यात्रा का अंतिम, लेकिन अत्यंत पावन और रहस्यमय पड़ाव है – घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग। यह 12 शिव ज्योतिर्लिंगों में द्वादश यानी बारहवाँ और समापन स्थल है, जो न केवल आध्यात्मिक परिपूर्णता का प्रतीक है, बल्कि यह भक्ति, समर्पण और त्याग की कहानी भी कहता है। घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग का स्थान घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र राज्य के … Read more

पुत्रजीवक के फायदे और नुकसान

महिलाओं में बांझपन के कई कारण होते हैं, लेकिन पुत्रजीवक बीज गर्भाशय को विष रहित करने के लिए सहायक दवा के रूप में कार्य करता है जिससे यहगर्भपात को रोकने और अंडाशय के कार्यों को बेहतर बनाने में मदद करता है जो फर्टिलाइज़ेशन के लिए परिपक्व और स्वस्थ अंडों को रिलीज करने में मदद करते … Read more

सूर्य का कर्क राशि में गोचर (16 जुलाई 2025)

सूर्य जब कर्क राशि में प्रवेश करता है, तो इसे ‘कर्क संक्रांति’ कहा जाता है। यह संक्रांति काल दक्षिणायन की शुरुआत का सूचक है, जब सूर्य उत्तर से दक्षिण की ओर गति करता है। कर्क राशि चंद्रमा की स्वामित्व वाली जल तत्व की राशि है, जो संवेदनशीलता, करुणा और परिवार के प्रति लगाव का प्रतीक … Read more

हस्त नक्षत्र ज्योतिष रहस्य – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

आज की हमारी चर्चा का केंद्र हस्तनक्षत्र है। यह आकाश मण्डल में मौजूद तेरहवां नक्षत्र है जो १६०डिग्री से लेकर १७३.२० डिग्री तक गति करता है। हस्त नक्षत्र के स्वामी चंद्रदेव, नक्षत्र देव सूर्य और राशि स्वामी बुद्ध देव हैं। यदि आपके कोई सवाल हैं अथवा आप हमें कोई सुझाव देना चाहते हैं तो आप … Read more