गरुड़: दिव्य वाहक, तंत्र रक्षक और ब्रह्मांडीय गूढ़ता का प्रतीक

प्रस्तावना: गरुड़ का नाम सुनते ही क्या केवल एक पक्षी की छवि आती है? भारतीय धर्म-दर्शन और तंत्र परंपरा में “गरुड़” कोई साधारण पक्षी नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय चेतना, गति, संरक्षण और शुद्धता का प्रतीक है। वह भगवान विष्णु के वाहन ही नहीं, बल्कि समस्त नागों के स्वामी, अंधकार के भक्षक, तांत्रिक साधकों के संरक्षक और … Read more

नियमित रूप से डांस करने के लाभ

स्वस्थ रहने के बहुत सारे तरीके हैं। स्वस्थ खान-पान, व्यायाम, योग… लेकिन एक तरीका ऐसा भी है जिसके लिए आपको खुद से जबरदस्ती नहीं करनी पड़ती। अगर आप डांस के शौकीन है, तो आपको ये मालूम होना जरूरी है कि अपने डांस के शौक को पूरा करने के साथ-साथ आप अपनी सेहत को भी बहुत … Read more

सूर्य अर्घ्य का उचित समय

के सभी आगंतुकों का ह्रदय से अभिनन्दन जैसा की आप जानते ही हैं की सूर्य सम्पूर्ण जगत की आत्मा है। बिना सूर्य के चराचर जगत के अस्तित्व की कल्पना भी नहीं की जा सकती। सूर्य यश, मान, प्रतिष्ठा, उन्नति, आत्मविश्वास के कारक हैं। सूर्य देव ने ही दैत्यों को हराकर देवताओं का साम्राज्य पुनःस्थापित किया … Read more

शनिदेव: कर्म, दंड और तंत्र शक्ति का अद्भुत विज्ञान

भूमिकाभारतीय अध्यात्म में शनि का नाम सुनते ही मन में भय और श्रद्धा दोनों का भाव उत्पन्न होता है। शनिदेव को कर्मफलदाता माना गया है। वे ही ऐसे देवता हैं जो सीधे-सीधे आपके कर्मों के आधार पर न्याय करते हैं। ज्योतिषशास्त्र में शनि को न्याय का प्रतीक कहा गया है और उनकी दृष्टि का प्रभाव … Read more

पांव में मोच आने के बाद क्या करें – क्‍या नहीं करना चाह‍िए

अक्‍सर खेलकूद या ऑफिस में कोई भारी काम करते हुए पांव में मोच आ जाती है। पांव में मोच आने के बाद कई बार लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं। जिसकी वजह से पांव में मोच का दर्द असहनीय हो जाता है। जिसकी वजह से द‍िक्‍कतें बढ़ सकती है। वैसे मोच अगर हल्की या … Read more

सूर्य ग्रह रहस्य वैदिक ज्योतिष

हिंदू मान्यताओं में सूर्य को विशेष रूप से भगवान का दृश्य रूप कहा गया है! उन्हें सत्वगुण का माना जाता है और वे आत्मा, राजा, प्रतिष्ठा, ऊंचे व्यक्तियों या पिता का प्रतिनिधित्व करते हैं। सूर्य मेष राशि में उच्चव्तुला में नीच के होते हैं। सिंह लग्न के प्रभाव में पैदा हुए जातक सिंह राशि के … Read more

पाताल लोक के रहस्य: असुरों का साम्राज्य और गूढ़ शक्तियाँ

भूमिका सृष्टि के रहस्यों में सबसे अद्भुत और रहस्यमयी जगतों में से एक है पाताल लोक। वेदों, पुराणों और तांत्रिक ग्रंथों में इसका उल्लेख कई बार हुआ है। पाताल को केवल ‘अधोलोक’ समझना उसकी वास्तविकता का अपमान है। यह एक ऐसा जगत है जो धरती के नीचे फैला हुआ है, परंतु भौतिक रूप से यह … Read more

पानी कैसे और कब पीना चाहिए

आयुर्वेद के अनुसार पानी हमेशा घूंट-घूंट कर पीना चाहिए। ऐसा इसलिए जरूरी है ताकि यह बॉडी के टेंप्रेचर के मुताबिक शरीर में पहुंचे। राजीव दीक्षित बताते है , हमारे शरीर का डिसऑर्डर होना यानि बेढंग होने का हमारे पानी पीने के तरीके से बड़ा गहरा सम्बन्ध है , अपने कभी किसी पक्षी को मोटा होते … Read more

शनि ग्रह रहस्य वैदिक ज्योतिष

सूर्य पुत्र शनिदेव वैदिक ज्योतिष में कर्म फलदाता के रूप में प्रतिष्ठित हैं। ऐसी मान्यता है की शनिदेव सभी भूजीविओं देवताओं तक के कर्मों का अच्छा बुरा फल समय आने पर प्रदान करते हैं। न्याय के देवता शनि को संन्यास का ज्ञान कारक भी कहा जाता है। कुंडली में शुभस्थित होने पर सभी प्रकार की … Read more

विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक समय गणना तंत्र

(ऋषि-मुनियों द्वारा किया गया अद्भुत अनुसंधान) समय की सूक्ष्मतम इकाइयाँ: 1 काष्ठा = 1 सेकंड का 34,000वाँ भाग 1 त्रुटि = 1 सेकंड का 300वाँ भाग 2 त्रुटि = 1 लव = 1 क्षण 30 क्षण = 1 विपल 60 विपल … Read more