सूर्य अर्घ्य का उचित समय
के सभी आगंतुकों का ह्रदय से अभिनन्दन जैसा की आप जानते ही हैं की सूर्य सम्पूर्ण जगत की आत्मा है। बिना सूर्य के चराचर जगत के अस्तित्व की कल्पना भी नहीं की जा सकती। सूर्य यश, मान, प्रतिष्ठा, उन्नति, आत्मविश्वास के कारक हैं। सूर्य देव ने ही दैत्यों को हराकर देवताओं का साम्राज्य पुनःस्थापित किया … Read more