पूजा-आरती का वैज्ञानिक महत्व : एक आध्यात्मिक विज्ञान
‘गन्धाक्षतम्, पुष्पाणि, धूपम्, दीपम्, नैवेद्यम् समर्पयामि।’यह श्लोक हिन्दू संध्योपासना की मूल भावना को प्रकट करता है। हिन्दू धर्म में प्रार्थना, ध्यान, कीर्तन और पूजा-आरती — ये संध्योपासना के चार मुख्य अंग माने गए हैं। इनमें भी पूजा और आरती का विशेष स्थान है, क्योंकि यही वह प्रक्रिया है जिसमें भक्त का संपर्क ईश्वर से सीधे … Read more