श्रवण नक्षत्र ज्योतिष रहस्य – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

श्रवण नक्षत्र ज्योतिष रहस्य आज की हमारी चर्चा श्रवण नक्षत्र पर केंद्रित है। यह आकाश मण्डल में मौजूद बाइसवां नक्षत्र है जो २८० डिग्री से लेकर २९३.२० डिग्री तक गति करता है। इस नक्षत्र को विष्णु, श्रुति भी कहा जाता है। श्रवण नक्षत्र के स्वामी चंद्र, नक्षत्र देवता विष्णु और राशि स्वामी शनि हैं। यदि … Read more

A 1.5-Year Framework for Reading Charts as a Whole

Information is everywhere in astrology. But guidance on how to turn that information into actual meaning from a natal chart is surprisingly rare. Most people can learn what a placement “means” in isolation. Many people can memorise keywords. Some people can even describe placements beautifully. And yet, when they sit down with a real chart, they feel … Read more

कैलाश मानसरोवर का इतिहास और हिन्दुओं के लिए इसकी पवित्रता का रहस्य

 परिचयकैलाश मानसरोवर भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व का एक अत्यंत पवित्र और रहस्यमय स्थल है। यह स्थान हिन्दू, बौद्ध, जैन और तिब्बती बोनप धर्म के लिए आस्था का केंद्र है। कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है, जबकि मानसरोवर झील को ‘मानस’ (मन) का सरोवर कहा जाता है, जो मन … Read more

पुनर्वसु नक्षत्र ज्योतिष रहस्य – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

आज की हमारी चर्चा पुनर्वसु नक्षत्र पर केंद्रित होगी। यह आकाश मण्डल में मौजूद सातवां नक्षत्र है जो ८० डिग्री से लेकर ९३.२० डिग्री तक गति करता है। पुनर्वसु नक्षत्र को आदित्य या सुरजननि नाम से भी जाना जाता है। पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी वृहस्पति, नक्षत्र देव अदिति देवी और राशि स्वामी बुद्ध तथा चंद्र … Read more

क्षीर सरोवर की उत्पत्ति की पौराणिक कथा

एक समय की बात है — जब भगवान श्रीकृष्ण पुष्पवाटिका वृन्दावन में गोपांगनाओं के साथ लीला-विहार कर रहे थे, तब उनके मन में सहसा दूध पीने की इच्छा जाग्रत हुई। यह कोई सामान्य इच्छा नहीं थी, अपितु लीला का एक रहस्य था। तभी भगवान ने अपने वाम पार्श्व (बाईं ओर) से लीलापूर्वक सुरभी गाय को … Read more

कैसे बदलता है भाग्य: एक सच्ची कथा जो आपकी सोच बदल सकती है

भाग्य क्या है? क्या हमारे अच्छे-बुरे कर्म वाकई भविष्य को प्रभावित करते हैं? क्या भक्ति से दुर्भाग्य भी टल सकता है? इस प्रेरक कथा में इन सभी प्रश्नों का उत्तर छिपा है। ऋषि की तपस्या और डाकू का संशय प्रकृत्य ऋषि का नियम था कि वे प्रतिदिन नगर से दूर स्थित एक प्राचीन शिवमंदिर में … Read more

पंचदेव कौन हैं और इनकी पूजा का महत्व क्या है, इस पर संक्षिप्त में समझते हैं:

पंचदेव कौन हैं? पंचदेव वह पाँच प्रमुख देवता हैं जिनकी पूजा हिंदू धर्म में हर शुभ या मांगलिक कार्य की शुरुआत में की जाती है। ये पाँच देवता हैं: भगवान सूर्य भगवान गणेश भगवान शिव मां दुर्गा (शक्ति स्वरूपा) भगवान विष्णु पंचदेव की पूजा का महत्व सभी शुभ कार्यों में विघ्नों से मुक्ति के लिए:सबसे … Read more

धनिष्ठा नक्षत्र ज्योतिष रहस्य – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

आज की हमारी चर्चा धनिष्ठा नक्षत्र पर केंद्रित है। यह आकाश मण्डल में मौजूद तेइसवां नक्षत्र है जो २९३.२० डिग्री से लेकर ३०६.४० डिग्री तक गति करता है। इस नक्षत्र को अविहा, वसु भी कहा जाता है। धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल, नक्षत्र देवता वसु और राशि स्वामी शनि हैं। यदि आपके कोई सवाल हैं … Read more

क्या श्रीराम की वानर सेना में अधिकांश वानर देवताओं के अंश थे?

क्या श्रीराम की वानर सेना में अधिकांश वानर देवताओं के अंश थे? उत्तर: हाँ, वाल्मीकि रामायण, पुराणों और अन्य रामायणों (जैसे आद्यात्म रामायण, कंब रामायण, आदि) के अनुसार जब भगवान श्रीराम ने अवतार लिया, तब देवताओं ने भी उनके सहयोग के लिए अपने अंशों को वानर और ऋक्ष (रीछ) रूप में पृथ्वी पर भेजा। इसका … Read more