कुंडली में 350 ज्योतिष योग

अर्थ विवरण  गुणवत्ता गजकेसरी योग जब बृहस्पति चन्द्रमा से केन्द्र पर स्थित होता है कुंडली में गजकेसरी योग होने पर व्यक्ति को गज के समान शक्ति और धन की प्राप्ति होती है। कुंडली में गजकेसरी योग मजबूत होने पर व्यक्ति अपनी बुद्धि और अदम्य … Read more

इन को बस देख लेने से ही मिल जाता है पुण्य

जीवन में पुण्य और लाभ पाने के लिए हर मनुष्य कई धर्म-कर्म करता है। शास्त्रों में ऐसे कई कामों के बारे में बताया गया है, जिन्हें करने से मनुष्य को पुण्य मिलता है। गरुड़ पुराण में कुछ ऐसी भी चीजें बताई गई हैं, जिन्हें केवल देख लेने से ही मनुष्य को पुण्य … Read more

समुद्र मंथन क्यों करना पड़ा, समुद्र मंथन कहाँ हुआ

धर्म ग्रंथों के अनुसार, एक बार महर्षि दुर्वासा के श्राप के कारण स्वर्ग ऐश्वर्य, धन और वैभव आदि से हीन हो गया। तब सभी देवता भगवान विष्णु के पास गए। भगवान विष्णु ने उन्हें असुरों के साथ मिलकर समुद्र मंथन करने का उपाय बताया। उन्होंने कहा कि समुद्र मंथन से अमृत निकलेगा, जिसे ग्रहण कर … Read more

भजन और कीर्तन: जानें अंतर, महत्व और आत्मिक लाभ की राह

ईश्वर तक पहुंचने का सरल मार्ग है भजन और कीर्तन मनुष्य के जीवन में जब बाहरी सहारों से विश्वास उठने लगता है, तब एकमात्र सहारा बनता है — ईश्वर। उसे पाने के कई मार्ग हैं — ज्ञान, कर्म और भक्ति। इन सभी में भक्ति मार्ग सबसे सहज, प्रभावशाली और आत्मा को संतुष्टि देने वाला है। … Read more

घर में रोजाना दीपक जलाने के धार्मिक और स्वास्थ्य लाभ

अधिकतर लोग रोज विधिवत पूजा तो नहीं कर पाते, लेकिन घर में सुबह-शाम दीपक जलाना नियमित करते हैं। ऐसा करने से ना केवल भगवान की कृपा प्राप्त होती है, बल्कि यह हमारे जीवन में अनेक धार्मिक और स्वास्थ्य संबंधी लाभ भी लेकर आता है। दीपक जलाने के धार्मिक लाभ देवी लक्ष्मी की कृपा: … Read more

प्रथम भाव-लग्न भाव क्या है

भारतीय हिन्दू वैदिक ज्योतिष में प्रथम भाव को कई नामों से जाना जाता है. इस भाव को लग्न भाव, केन्द्र भाव व त्रिकोण भाव भी कहा जाता है. लग्न भाव कुण्डली का बल होता है. और अन्य सभी भावों की तुलना में इसका सबसे अधिक महत्व है. लग्न और लग्नेश पर बाधकेश … Read more

जाने मानक समय क्या है ?

सूर्य की गति पूरे वर्ष एक-सी नहीं रहती है. यह गति घटती-बढ़ती रहती है. इस कारण संसार के विभिन्न स्थानों पर समय – समय भिन्न होता है. हर देश का मानक समय अलग-अलग होता है. हर देश के विभिन्न क्षेत्रों का स्थानीय समय भी एक-सा नहीं होता है. पूरे विश्व के लिए … Read more

नीचभंग राजयोग – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

जब कोइ ग्रह अपनी नीच राशि में स्थित होता है, तो वह शक्ति हीन और निर्बल होता है. इस स्थिति में वह ग्रह अपने शुभ फल देने में असमर्थ होता है. किन्तु अन्य ग्रहों की स्थिति, युति, दृष्टि या परस्पर राशि परिवर्तन आदि के उस पर प्रभाव द्वारा उसकि यह कमजोर स्थिति … Read more

जीवन में अपनाएं वास्तु के ये 5 टिप्स, डबल हो जाएगा आपका बैंक बैलेंस

हर कोई अपनी जिंदगी को बेहतरीन बनाने के लिए कई तरह के उपाय करता है। जिससे उसका जीवन खुशियों से भरपूर बना रहे। पर लाख कोशिशें करने के बाद भी जीवन से कष्ट दूर नहीं होते और बैंक भी खाली होने लगता है। ज्यादातर परेशानियों का कारण होता है वास्तुदोष। जिसे अक्सर हम नजरअंदाज कर … Read more

जानें, घर के मुख्य द्वार का वास्तु कैसा होना चाहिए

घर का मुख्य द्वार बहुत महत्वपूर्ण होता है. मुख्य द्वार से लक्ष्मी जी सम्पन्नता सुख समृद्धि और खुशहाली आती है. मुख्य द्वार गड़बड़ हो, वास्तु अनुसार अनुकूल ना हो तो दरिद्रता, बीमारी, गरीबी, क़र्ज़ संकट और दुश्मनी घर में घुसती है. आइए जानते हैं मुख्य द्वार का वास्तु कैसा होना चाहिए… मुख्य द्वार … Read more