चंपा षष्ठी /बैंगन छठ – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

चंपा षष्ठी मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाई जाती है। यह त्योहार भगवान शिव के अवतार खंडोबा या खंडेराव को समर्पित है। खंडोबा को किसानों, चरवाहों और शिकारियों आदि का मुख्य देवता माना जाता है। यह त्योहार कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों का प्रमुख त्यौहार है। मान्यता है कि चंपा षष्ठी … Read more

विवाह पंचमी – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

राम एवम सीता भगवान विष्णु एवम लक्ष्मी माता के रूप थे, जिन्होंने पृथ्वी लोक पर राजा दशरथ के पुत्र एवम राजा जनक की पुत्री के रूप में जन्म लिया था. वैसे पुराणों के अनुसार माता सीता का जन्म धरती से हुआ था, जब राजा जनक हल जोत रहे थे, तब उन्हें एक नन्ही सी बच्ची … Read more

विवाह पंचमी – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

राम एवम सीता भगवान विष्णु एवम लक्ष्मी माता के रूप थे, जिन्होंने पृथ्वी लोक पर राजा दशरथ के पुत्र एवम राजा जनक की पुत्री के रूप में जन्म लिया था. वैसे पुराणों के अनुसार माता सीता का जन्म धरती से हुआ था, जब राजा जनक हल जोत रहे थे, तब उन्हें एक नन्ही सी बच्ची … Read more

उत्पन्ना एकादशी व्रत कथा – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को उत्पन्ना एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु के शरीर से एक देवी का जन्म हुआ था जिसने दैत्यराज मुर को मारकर भगवान विष्णु की रक्षा की थी। भगवान विष्णु ने एकादशी को उत्पन्न होने के कारण इसे एकादशी देवी का नाम दिया। … Read more

क्यों होता है 12 साल में एक बार कुंभ मेले का आयोजन?

कुम्भ मेले का आयोजन चार स्थानों हरिद्वार, प्रयाग, नासिक तथा उज्जैन में होता है। हर जगह कुम्भ मेले का आयोजन 12 साल में एक बार होता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार भचक्र में स्थित 360 अंश को 12 भागों में बांटकर 12 राशियों की कल्पना की गई है। भचक्र से तात्पर्य आकाश मंडल से है। … Read more

महाभारत युद्ध में पांण्डवों को जिताने के लिए श्री कृष्ण ने किये ये छल

महाभारत में भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण को बहुत ही चतुर और सभी कलाओं का जानकार बताया गया है। श्रीकृष्ण ने कई बार चतुराई का उपयोग करते हुए ऐसे काम किए, जिन्हें छल माना जाता है। यहां जानिए 5 ऐसे प्रसंग जब श्रीकृष्ण ने अपनी इस चतुराई का प्रयोग महाभारत युद्ध में पांडवों को जिताने … Read more

श्री राम और कंबंध राक्षस का प्रसंग

यह तब की बात है जब सीताजी को रावण, श्रीराम तथा लक्ष्मण की अनुपस्थिति मंं हरण कर ले गया था। जब तक दोनों वापस लौटे सीताजी कुटिया में नहीं थीं, यह देख श्रीराम व्याकुल हो उठे। वे समझ नहीं पा रहे थे कि आखिरकार सीता कहां गईं, और उनकी खोज में दोनों जंगल की ओर … Read more

यहाँ कृष्ण ने ली थी राजा मोरध्वज की परीक्षा मांगा था उसके बेटे का मांस

छत्तीसगढ़ की राजधानी से करीब 30 किलोमीटर दूर रायपुर-कोलकाता हाईवे पर एक कस्बा है- आरंग। कहा जाता है कि यह कभी राजा मोरध्वज की राजधानी थी और इसकी पहचान एक समृद्ध नगर के रूप में थी। मोरध्वज की कहानी पुराणों में मिलती है जिसे कृष्ण ने आदेश दिया था कि वह अपने बेटे ताम्रध्वज को … Read more

जानिए कैसे हुई गरुड़ और नागों की उत्पत्ति और कैसे बने गरुड़ विष्णु के वाहन ?

आज हम आपको एक पौराणिक कथा बता रहे है जिसका वर्णन महाभारत के आदि पर्व में मिलता है। यह कथा बताती है की इस धरती पर गरुड़ और नागों की उत्पत्ति कैसे हुई, क्यों गरुड़ नाग के दुशमन हुए, क्यों नागो की जीभ आगे से दो हिस्सों में बटी हुई है और कैसे गरुड़, भगवान … Read more

जब विष्णु जी और लक्ष्मी जी को बनना पड़ा अश्व और अश्वी

एक बार भगवान विष्णु वैकुण्ठ लोक में लक्ष्मी जी के साथ विराजमान थे। उसी समय उच्चेः श्रवा नामक अश्व पर सवार होकर रेवंत का आगमन हुआ। उच्चेः श्रवा अश्व सभी लक्षणों से युक्त, देखने में अत्यंत सुन्दर था। उसकी सुंदरता की तुलना किसी अन्य अश्व से नहीं की जा सकती थी। अतः लक्ष्मी जी उस … Read more