श्री कृष्ण ने क्यों किया कर्ण का अंतिम संस्कार अपने ही हाथों पर?

कर्ण के पिता सूर्य और माता कुंती थी, पर चुकी उनका पालन एक रथ चलाने वाले ने किया था, इसलिए वो सूतपुत्र कहलाएं और इसी कारण उन्हें वो सम्मान नहीं मिला, जिसके वो अधिकारी थे।कर्ण द्रोपदी को पसंद करता था और उसे अपनी पत्नी बनाना चाहता था साथ ही द्रौपदी भी कर्ण से बहुत प्रभावित … Read more

Shani Dev Remedies: By Doing These Measures Shani Dosha Gets Removed, All The Troubles Disappear – Shani Dev Remedies: इन उपायों को करने से दूर होता है शनि दोष, मिटते हैं सारे कष्ट

Shani Dev Remedies: इन उपायों को करने से दूर होता है शनि दोष, मिटते हैं सारे कष्ट – फोटो : google ज्योतिष के अनुसार कुंडली में होने वाले बदलावों से व्यक्ति के जीवन में आने वाली खुशियां और दुख प्रभावित होते हैं. हालांकि ग्रहों में होने वाले बदलाव किसी के लिए शुभ तो किसी के … Read more

कहानी शृंग ऋषि और भगवान राम की बहन “शांता” की

About ज्योतिष से जुड़ी सभी जानकारियों के लिए आपके विश्वसनीय स्रोत, HinduPanchang में आपका स्वागत है! हम ब्रह्मांड के रहस्यों की खोज करने और आपके जीवन के लिए सितारों और ग्रहों की अंतर्दृष्टि को अनलॉक करने में आपकी सहायता करने के लिए उत्साहित हैं। Welcome to HindPanchang, your trusted source for all … Read more

सांपो के सम्पूर्ण कुल विनाश के लिए जनमेजय ने किया था ‘सर्प मेध यज्ञ

आज हम आपको महाभारत से जुडी एक कथा बताते है। यह कथा पांडव कुल के अंतिम सम्राट जनमेजय (अर्जुन के प्रपौत्र) से जुडी है। जनमेजय ने एक बार पृथ्वी से सांपो का अस्तित्व मिटाने के लिए सर्प मेध यज्ञ किया था जिसमे पृथ्वी पर उपस्तिथ लगभग सभी सांप समाप्त होमहाभारत के युद्ध के बाद कुछ … Read more

क्यों काटा था काल भैरव ने ब्रह्मा जी का पांचवा शीश

शिव की क्रोधाग्नि का विग्रह रूप कहे जाने वाले कालभैरव का अवतरण मार्गशीर्ष कृष्णपक्ष की अष्टमी को हुआ। इनकी पूजा से घर में नकारत्मक ऊर्जा, जादू-टोने, भूत-प्रेत आदि का भय नहीं रहता।कथा के अनुसार एक बार देवताओं ने ब्रह्मा और विष्णु जी से बारी-बारी से पूछा कि जगत में सबसे श्रेष्ठ कौन है तो स्वाभाविक … Read more

जानिए क्यों विराजित हुए हनुमान जी, अर्जुन के रथ के छत्र पर

धर्म ग्रंथो के अनुसार हनुमानजी और भीम भाई है क्योंकि दोनों ही पवन देवता के पुत्र है। महाभारत में एक प्रसंग आता है जब भीम और हनुमान की मुलाक़ात होती है। आज हम आपको वोही प्रसंग विस्तारपूर्वक बता रहे है। साथ ही इस प्रसंग का सम्बन्ध उस मान्यता से भी है जिसके अनुसार महाभारत युद्ध … Read more

यहां वर्जित है हनुमान जी की पूजा

हम सब जानते है हनुमान जी हिन्दुओं के प्रमुख आराध्य देवों में से एक है, और सम्पूर्ण भारत में इनकी पूजा की जाती है। लेकिन बहुत काम लोग जानते है की हमारे भारत में ही एक जगह ऐसी है जहां हनुमान जी की पूजा नहीं की जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि यहाँ के रहवासी हनुमान … Read more

विष्णु पुत्रों का संहार करने के लिए लिया था भगवान शिव ने वृषभ अवतार

धर्म ग्रंथो के अनुसार भगवान शिव के 19 अवतार हुए है। इन्हीं में से एक है भगवान शिव का ‘वृषभ अवतार’। जहाँ भगवान शिव ने कई अवतार दानवों का विनाश करने के लिए लिये थे वही वृषभ अवतार, विष्णु पुत्रों का संहार करने के लिए लिया था।समुद्र मंथन के उपरांत जब अमृत कलश उत्पन्न हुआ … Read more

बभ्रुवाहन ने क्यों किया था अपने पिता अर्जुन का वध?

महाभारत की कथा में एक प्रसंग आता है जब बभ्रुवाहन एक युद्ध में अपने पिता अर्जुन का वध कर देता है।अर्जुन ने द्रोपदी और सुभद्रा के अलावा दो अन्य विवाह और किए थे। एक नाग कन्या उलूपी से जिससे की पुत्र अरावन पैदा हुआ था जिसने महाभारत युद्ध में अपनी स्वैचिछक बलि दी थी। तथा … Read more

हनुमान जी को क्यों चढ़ाते है सिंदूर का चोला ?

हिन्दू धर्म में सिंदूर को सुहाग का प्रतीक माना जाता है। प्रत्येक सुहागन स्त्री इसे अपनी मांग में लगाती है। सिंदूर का हिन्दू धर्म में पूजा पाठ में भी महत्तव है। कई देवी देवताओं को सिंदूर चढ़ाया जाता है। लेकिन गणेश जी, भैरू जी (भैरव जी) और हनुमान जी को तो सिंदूर का पूरा चोला … Read more