वास्तु देव पूजन और गृह प्रवेश मुहूर्त का महत्व: जानें सुख-समृद्धि का रहस्य

वास्तु पूजन क्यों है आवश्यक? वास्तु का शाब्दिक अर्थ है – ऐसा स्थान जहां भगवान और मनुष्य एक साथ वास करें। भारतीय परंपरा में इसे केवल भवन निर्माण की प्रक्रिया न मानकर, जीवन में सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि लाने वाला एक विज्ञान माना गया है। हमारे शरीर की तरह ही हमारा घर भी पंचतत्वों – … Read more

क्या सीताजी को भी युद्ध में आना पड़ा था, और क्यों? अनसुनी कथा

मुख्य बिंदु इस कथा से: मूलकासुर कौन था? कुंभकर्ण का पुत्र, जिसका जन्म मूल नक्षत्र में हुआ था, इसीलिए इसे अशुभ समझ कर जंगल में त्याग दिया गया। जंगल में मधुमक्खियों ने उसे पाला। ब्रह्माजी से कठोर तप कर उसे स्त्री के हाथों मृत्यु का वरदान मिला। मूलकासुर का आतंक: लंका के पतन और रावण … Read more

ज्येष्ठा नक्षत्र ज्योतिष रहस्य – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

आज की हमारी चर्चा ज्येष्ठा नक्षत्र पर केंद्रित है। यह आकाश मण्डल में मौजूद अठारहवां नक्षत्र है जो २२६.४० डिग्री से लेकर २४० डिग्री तक गति करता है। ज्येष्ठानक्षत्र के स्वामी बुद्ध, नक्षत्र देवता इंद्रदेव और राशि स्वामी मंगल हैं। यदि आपके कोई सवाल हैं अथवा आप हमें कोई सुझाव देना चाहते हैं तो आप … Read more

अच्छी सेहत के लिए सुबह की शुरुआत करें इन तीन चीजों से, जरूर जानें

जब बात सेहत का ख्याल रखने की आती है, तो हर व्यक्ति सतर्क हो जाता है। वैसे भी कोरोना काल में हर व्यक्ति अपने सेहत के प्रति जागरूक एंव सावधान हो गया है। लेकिन सेहतमंद जिंदगी के लिए जरूरी है। सही डाइट का होना। किसी भी बीमारी से बचाव के लिए हेल्दी डाइट का ख्याल … Read more

क्यों करते हैं महादेव की भस्म आरती?

महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर कई जगहों पर भगवान शिव की पूजा-अर्चना होती है, लेकिन मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में की जाने वाली भस्म आरती विशेष महत्व रखती है। भस्म आरती की एक पुरानी और रहस्यमयी कथा जुड़ी हुई है जो इसे और भी पवित्र बनाती है। भस्म आरती का रहस्य पुराणों … Read more

ब्रह्म मुहूर्त : आपका ‘अपना’ समय

हम सभी चाहते हैं कि हमारा शरीर स्वस्थ रहे और जीवनकाल लंबा हो। इसके लिए योग, ध्यान और सही दिनचर्या का पालन बहुत जरूरी है। मेरे दादाजी ने मुझे बचपन में बताया था कि सुबह का एक खास समय होता है जिसे वे अपना ‘अपना समय’ कहते थे। यह समय है—ब्रह्म मुहूर्त। ब्रह्म मुहूर्त क्यों … Read more

तुलसी के बीज से दूर होगी ये 8 बड़ी-बड़ी समस्या

सर्दी-खांसी लौंग, तुलसी के बीज को 1 गिलास पानी में उबाल लें। जब यह आधा रह जाए तो इसमें सेंधा नमक डालकर सेवन करें। दिन में दो बार इसका सेवन सर्दी, खांसी और जुकाम से राहत दिलाता है। यौन रोग –तुलसी के बीज पुरूषों में होने वाली शारीरिक कमजोरी को दूर करने में मदद करते है। … Read more

क्रोध है अग्नि समानः रौद्ररूप दिखाकर शिवजी ने पिप्पलाद को समझाया

एक समय की बात है, जब इंद्र ने वृतासुर नामक राक्षस का वध करने के लिए अपना वज्र (बिजली के अस्त्र) चलाया, तो वह वज्र टूट गया। वृतासुर को मारने के लिए इंद्र को एक और भी अधिक शक्तिशाली और मजबूत वज्र की आवश्यकता थी। तभी दधीचि की हड्डियों की बात सामने आई। दधीचि ने … Read more

चित्रा नक्षत्र ज्योतिष रहस्य – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

आज की हमारी चर्चा का केंद्र चित्रा नक्षत्र है। यह आकाश मण्डल में मौजूद चौदहवां नक्षत्र है जो १७३.२० डिग्री से लेकर १८६.४० डिग्री तक गति करता है। हस्तनक्षत्र के स्वामी मंगल, नक्षत्र देव विश्वकर्मा और राशि स्वामी बुद्ध तथा शुक्रदेव हैं। यदि आपके कोई सवाल हैं अथवा आप हमें कोई सुझाव देना चाहते हैं … Read more