अर्जुन ने महाभारत युद्ध में युधिष्ठिर को मारने के लिए क्यों उठाई तलवार ?

महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित ‘महाभारत’ एक बहुत ही विस्तृत ग्रन्थ है जिसमें अनेकों अनेक कहानियां है। आम जन इनमे से अनेक कहानियों और प्रसंगों से अवगत है लेकिन बहुतों से अनजान है। आज हम आपको महाभारत का एक ऐसा ही प्रसंग बताते है जब अर्जुन ने अपने ज्येष्ठ भ्राता युधिष्ठिर को मारने के लिए हथियार … Read more

जब अर्जुन की जान बचाने के लिए श्री कृष्ण और इंद्र ने किया कर्ण के साथ छल

महाभारत युद्ध में कर्ण सबसे शक्तिशाली योद्धा माने जाते हैं। वह दुर्योधन अर्थात कौरवों की ओर से लड़ रहे थे। कर्ण को किस तरह से काबू में रखा जाए, यह कृष्ण के लिए भी चिंता का विषय हो चला था। लेकिन कर्ण दानवीर, नैतिक और संयमशील व्यक्ति थे। ये तीनों ही बातों उनके … Read more

दो माँ से आधा-आधा पैदा हुआ था जरासंध

महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित महाभारत ग्रंथ में अनेक महारथी व बलशाली राजाओं का वर्णन है। ऐसा ही एक महारथी राजा था जरासंध। उसके जन्म व मृत्यु की कथा भी बहुत ही रोचक है। जरासंध मगध (वर्तमान बिहार) का राजा था। वह अन्य राजाओं को हराकर अपने पहाड़ी किले में बंदी बना … Read more

रावण के पूर्वजन्मों की कहानियां

रावण अपने पूर्वजन्म में भगवान विष्णु के द्वारपाल हुआ करते थे पर एक श्राप के चलते उन्हें तीन जन्मो तक राक्षस कुल में जन्म लेना पड़ा था। आज इस लेख में हम आपको रावण के दो पूर्वजन्मों और एक बाद के जन्म के बारे में बताएँगे। एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवान विष्णु के दर्शन … Read more

जब माता दुर्गा ने एक तिनके से तोड़ा देवताओं का घमंड

एक बार देवताओं और दैत्यों में भयंकर युद्ध छिड़ गया। इस युद्ध में देवता विजयी हुए जिससे उनके मन में अहंकर उत्पन्न हो गया। सभी देवता स्वयं को श्रेष्ठ कहने लगे। जब माता दुर्गा ने देवताओं को इस प्रकार अहंकार से ग्रस्त होते देखा तो वे तेजपुंज के रूप में देवताओं … Read more

अमरनाथ धाम से जुडी शिव-पार्वती कथा

एक बार देवी पार्वती ने देवों के देव महादेव से पूछा, ऐसा क्यों है कि आप अजर हैं, अमर हैं लेकिन मुझे हर जन्म के बाद नए स्वरूप में आकर, फिर से बरसों तप के बाद आपको प्राप्त करना होता है । जब मुझे आपको पाना है तो मेरी तपस्या और इतनी कठिन … Read more

जब श्रीरामचन्द्र जी को कुत्ते ने बताया न्याय का अनोखा तरीका

श्रीरामचन्द्र जी वनवास के बाद अयोध्या लौटे तो खूब धूम-धाम से उनका राजतिलक हुआ। बड़े सम्मान के साथ उन्हें अयोध्या का राजा बनाया गया। राज गद्दी पर बैठने के बाद उन्होंने लक्ष्मण जी को आदेश दिया हुआ था कि भोजन करने से पहले देखो हमारे द्वार पर कोई भूखा तो नहीं … Read more

5 पौराणिक कहानियां जब भगवान विष्णु ने लोक कल्याण के लिए किए छल

हिन्दू धर्म में कहते हैं कि ब्रह्माजी जन्म देने वाले, विष्णु पालने वाले और शिव वापस ले जाने वाले देवता हैं। भगवान विष्णु तो जगत के पालनहार हैं। वे सभी के दुख दूर कर उनको श्रेष्ठ जीवन का वरदान देते हैं। जीवन में किसी भी तरह का संकट हो या धरती पर किसी भी तरह … Read more

कुंभकर्ण के पुत्र को मार कर यहां स्थापित हुए थे भगवान शिव

कहा जाता है कि कुंभकर्ण के एक पुत्र का नाम भीम था। कुंभकर्ण को कर्कटी नाम की एक महिला पर्वत पर मिली थी। उसे देखकर कुंभकर्ण उस पर मोहित हो गया और उससे विवाह कर लिया। विवाह के बाद कुंभकर्ण लंका लौट आया, लेकिन कर्कटी पर्वत पर ही रही। कुछ समय … Read more

श्री राम के अलावा इन 4 से भी हार गया था रावण

अधिकतर लोग यही जानते हैं कि रावण सिर्फ श्रीराम से ही हारा था, लेकिन ये सच नहीं है। रावण श्रीराम के अलावा शिवजी, राजा बलि, बालि और सहस्त्रबाहु से भी पराजित हो चुका था। यहां जानिए इन चारों से रावण कब और कैसे हारा था…बालि से रावण की हारएक बार रावण बालि से युद्ध करने … Read more