क्षीर सरोवर की उत्पत्ति की पौराणिक कथा

एक समय की बात है — जब भगवान श्रीकृष्ण पुष्पवाटिका वृन्दावन में गोपांगनाओं के साथ लीला-विहार कर रहे थे, तब उनके मन में सहसा दूध पीने की इच्छा जाग्रत हुई। यह कोई सामान्य इच्छा नहीं थी, अपितु लीला का एक रहस्य था। तभी भगवान ने अपने वाम पार्श्व (बाईं ओर) से लीलापूर्वक सुरभी गाय को … Read more

कैसे बदलता है भाग्य: एक सच्ची कथा जो आपकी सोच बदल सकती है

भाग्य क्या है? क्या हमारे अच्छे-बुरे कर्म वाकई भविष्य को प्रभावित करते हैं? क्या भक्ति से दुर्भाग्य भी टल सकता है? इस प्रेरक कथा में इन सभी प्रश्नों का उत्तर छिपा है। ऋषि की तपस्या और डाकू का संशय प्रकृत्य ऋषि का नियम था कि वे प्रतिदिन नगर से दूर स्थित एक प्राचीन शिवमंदिर में … Read more

पंचदेव कौन हैं और इनकी पूजा का महत्व क्या है, इस पर संक्षिप्त में समझते हैं:

पंचदेव कौन हैं? पंचदेव वह पाँच प्रमुख देवता हैं जिनकी पूजा हिंदू धर्म में हर शुभ या मांगलिक कार्य की शुरुआत में की जाती है। ये पाँच देवता हैं: भगवान सूर्य भगवान गणेश भगवान शिव मां दुर्गा (शक्ति स्वरूपा) भगवान विष्णु पंचदेव की पूजा का महत्व सभी शुभ कार्यों में विघ्नों से मुक्ति के लिए:सबसे … Read more

धनिष्ठा नक्षत्र ज्योतिष रहस्य – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

आज की हमारी चर्चा धनिष्ठा नक्षत्र पर केंद्रित है। यह आकाश मण्डल में मौजूद तेइसवां नक्षत्र है जो २९३.२० डिग्री से लेकर ३०६.४० डिग्री तक गति करता है। इस नक्षत्र को अविहा, वसु भी कहा जाता है। धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल, नक्षत्र देवता वसु और राशि स्वामी शनि हैं। यदि आपके कोई सवाल हैं … Read more

क्या श्रीराम की वानर सेना में अधिकांश वानर देवताओं के अंश थे?

क्या श्रीराम की वानर सेना में अधिकांश वानर देवताओं के अंश थे? उत्तर: हाँ, वाल्मीकि रामायण, पुराणों और अन्य रामायणों (जैसे आद्यात्म रामायण, कंब रामायण, आदि) के अनुसार जब भगवान श्रीराम ने अवतार लिया, तब देवताओं ने भी उनके सहयोग के लिए अपने अंशों को वानर और ऋक्ष (रीछ) रूप में पृथ्वी पर भेजा। इसका … Read more

वास्तु देव पूजन और गृह प्रवेश मुहूर्त का महत्व: जानें सुख-समृद्धि का रहस्य

वास्तु पूजन क्यों है आवश्यक? वास्तु का शाब्दिक अर्थ है – ऐसा स्थान जहां भगवान और मनुष्य एक साथ वास करें। भारतीय परंपरा में इसे केवल भवन निर्माण की प्रक्रिया न मानकर, जीवन में सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि लाने वाला एक विज्ञान माना गया है। हमारे शरीर की तरह ही हमारा घर भी पंचतत्वों – … Read more

क्या सीताजी को भी युद्ध में आना पड़ा था, और क्यों? अनसुनी कथा

मुख्य बिंदु इस कथा से: मूलकासुर कौन था? कुंभकर्ण का पुत्र, जिसका जन्म मूल नक्षत्र में हुआ था, इसीलिए इसे अशुभ समझ कर जंगल में त्याग दिया गया। जंगल में मधुमक्खियों ने उसे पाला। ब्रह्माजी से कठोर तप कर उसे स्त्री के हाथों मृत्यु का वरदान मिला। मूलकासुर का आतंक: लंका के पतन और रावण … Read more

ज्येष्ठा नक्षत्र ज्योतिष रहस्य – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

आज की हमारी चर्चा ज्येष्ठा नक्षत्र पर केंद्रित है। यह आकाश मण्डल में मौजूद अठारहवां नक्षत्र है जो २२६.४० डिग्री से लेकर २४० डिग्री तक गति करता है। ज्येष्ठानक्षत्र के स्वामी बुद्ध, नक्षत्र देवता इंद्रदेव और राशि स्वामी मंगल हैं। यदि आपके कोई सवाल हैं अथवा आप हमें कोई सुझाव देना चाहते हैं तो आप … Read more

अच्छी सेहत के लिए सुबह की शुरुआत करें इन तीन चीजों से, जरूर जानें

जब बात सेहत का ख्याल रखने की आती है, तो हर व्यक्ति सतर्क हो जाता है। वैसे भी कोरोना काल में हर व्यक्ति अपने सेहत के प्रति जागरूक एंव सावधान हो गया है। लेकिन सेहतमंद जिंदगी के लिए जरूरी है। सही डाइट का होना। किसी भी बीमारी से बचाव के लिए हेल्दी डाइट का ख्याल … Read more