जब सत्यभामा को हुआ रूप का घमंड

श्रीकृष्ण भगवान द्वारका में रानी सत्यभामा के साथ सिंहासन पर विराजमान थे। निकट ही गरूड़ और सुदर्शन चक्र भी बैठे हुए थे। तीनों के चेहरे पर दिव्य तेज झलक रहा था। बातों ही बातों में रानी सत्यभामा ने श्रीकृष्ण से पूछा कि हे प्रभु! आपने त्रेतायुग में राम के रूप में अवतार लिया था, सीता … Read more

दूध से है चिढ़ तो ऐसे करें कैल्शियम की कमी दूर

हममें से कई लोगों की कैल्शियम की कमी की वजह से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। आइए जानें 7 बहुत ही सरल और सस्ते उपाय जो दूर करेंगे कैल्शियम की कमी। मात्र 5 रुपए से लेकर 10 रुपए तक में संभव है कैल्शियम की कमी का इलाज… यह इलाज विशेष रूप से उनके लिए हैं … Read more

जब नारद ने पूछा माया क्या है तो बाढ़ में बह गए पत्नी और बच्चे

एक पौराणिक कथा के अनुसार एक बार नारद मुनि ने भगवान विष्णु से पूछा कि भगवन माया क्या है? जगत पालक विष्णुजी यह प्रश्न सुनकर मुस्कराए और बोले-किसी दिन दिखा देंगे। बहुत दिन व्यतीत होने के बाद एक दिन भगवान विष्णु नारद मुनि को साथ लेकर चल दिए। रास्ते में एक जगह एक वृक्ष के … Read more

किसकी भक्ति श्रेष्ठ भगवान् और भक्त की रोचक कथा?

दोस्तों एक बार महर्षि नारद को यह अहंकार हो गया था,कि वही भगवान श्री हरि विष्णु के सबसे बड़े भक्त हैं। भगवान विष्णु का उनसे बड़ा भक्त तीनों लोकों में कोई नहीं है। महर्षि नारद अपनी इसी अहंकार की मस्ती में एक दिन पृथ्वी पर पहुंचे। पर जब वह पृथ्वी लोक पर पहुंचे, तो उन्हें … Read more

कमाल का है ये पारद धातु का कड़ा, कई बीमारियों से करता है रक्षा

हाथ में कड़ा पहनने का चलन बहुत पहले से है। सिख धर्म में कड़े को धारण करना आवश्यक माना गया है। अधिकांश व्यक्ति चांदी,सोना,लोहा या अष्टधातु का कड़ा पहनते है। शास्त्रीय मत में कड़ा पहनना कई दृष्टि से काफी अच्छा माना गया है। पारद धातु का कड़ा खासतौर पर काफी लाभकारी माना गया है। पारद … Read more

कामदेव कौन थे और भस्म होने के बाद कहां लिया था जन्म, जानिए 6 रहस्य

आपने कामदेव के बारे में सुना या पढ़ा होगा। पौराणिक काल की कई कहानियों में कामदेव का उल्लेख मिलता है। कामदेव का संबंध प्रेम और कामेच्छा से है। जिस तरह पश्चिमी देशों में क्यूपिड और यूनानी देशों में इरोस को प्रेम का प्रतीक माना जाता है, उसी तरह हिन्दू धर्मग्रंथों में कामदेव को प्रेम और … Read more

कहां से आया रुद्राक्ष, पढ़ें कथा और हर रुद्राक्ष का महत्व

भगवान शिव ने रुद्राक्ष उत्पत्ति की कथा पार्वती को कही है। एक समय भगवान शिवजी ने एक हजार वर्ष तक समाधि लगाई। समाधि में से जाग्रत होने पर जब उनका मन बाहरी जगत में आया, तब जगत के कल्याण की कामना वाले महादेव ने अपनी आंखें बंद कीं। तब उनके नेत्र में से जल के … Read more

नागरमोथा के फायदे एवं नुकसान

नागरमोथा का प्रयोग मासिक धर्म में महिलाओं को होने वाली समस्याओं जैसे पेट दर्द, अपच या ऐंठन आदि को दूर करने में प्रभावी है। इसके साथ ही गर्भाशय की परेशानियों को दूर करने में भी यह हर्ब फायदेमंद है। सर्वाइकल कैंसर के उपचार के लिए भी नागरमोथा का प्रयोग किया जाता है। पेट दर्दअगर इस … Read more

काल भैरव क्यों कहलाए ‘दंडपाणी’? कालाष्टमी कथा से जानें रहस्य

पौराणिक कथा के अनुसार एक बार की बात है कि ब्रह्मा, विष्णु और महेश इन तीनों में श्रेष्ठता की लड़ाई चली. इस बात पर बहस बढ़ गई, तो सभी देवताओं को बुलाकर बैठक की गई. सबसे यही पूछा गया कि श्रेष्ठ कौन है? सभी ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए और उत्तर खोजा लेकिन उस बात … Read more

काल के भी काल अर्थात महाकाल के रूप में भगवान का अवतार

भगवान समस्त जगत के समस्त प्राणियों के नियामक हैं । उनकी लीला एवं उनके संकल्पों का रहस्य, माया में पड़ा हुआ जीव किसी भी साधन से नहीं जान सकता। भगवत्कृपा से ही जीव उनके संबंध में थोड़ा बहुत जान पाता है। भगवान अप्रमेय हैं। कालों के भी काल यानी महाकाल हैं। गीता में भगवान कृष्ण … Read more