
भगवान शनिदेव की व्यवस्था ईश्वरीय विधान की अनुपम झलक है। शनिदेव के गुप्तचर राहु व केतु द्वारा मानव के प्रत्येक कर्मों का लेखा-जोखा रखा जाता है। वे व्यक्ति को उसके श्रेष्ठ कर्मों के आधार पर ईश्वर शक्ति व सामर्थ्य देते हैं। इसी शक्ति के बल पर व्यक्ति एक तरह से प्रत्येक कार्य करने में स्वयं को सक्षम पाता है। तब वह स्वयं को सर्वस्व समझकर गलत कार्य को स्वयं के चिंतन के आधार पर सही समझता है। अगर आप भी शनि से मिलने वाले अशुभ परिणाम से ग्रसित है तो यह उपाय आपके लिए बहुत लाभदायी साबित होंगे।
शनिदेव के 5 सरल उपाय…
- अशुभ शनि के प्रभावों को दूर कर शुभ प्रभावों को प्राप्त करने हेतु काली गाय का पूजन कर काले चने के साथ गुड़ खिलाएं।
- अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रति सद्व्यवहार करें।
- शनिवार के दिन सुंदर कांड का पाठ व हनुमान जी का पूजन करें।
- शनिवार को शनि मंदिर में सरसों का तेल चढ़ाएं।
- एक कटोरे में सरसों का तेल भरकर उसमें अपना चेहरा देखें तथा उस तेल को एक कांच की शीशी में डालकर किसी निर्जन स्थान पर दो हाथ गड्ढा खोदकर गाड़ दें।
- मात्र इन छोटे-छोटे उपायों से ही शनि के दोष दूर होकर शुभ परिणाम प्राप्त होने लगेंगे।
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