
महाराष्ट्र के प्रमुख शहर नासिक से महज 28 किलोमीटर की दूरी पर त्रयंबकेश्वर [तीन नेत्र वाले ईश्वर] ज्योतिर्लिंग मंदिर स्थित है। इस मंदिर को लेकर ऐसा माना जाता है कि यहां त्रिदेव विराजमान हैं। यह एकमात्र ऐसा ज्योतिर्लिंग है जहां केवल भगवान शिव नहीं बल्कि भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा भी हैं। इसी मंदिर के नजदीक ब्रह्मगिरि नामक पर्वत है जहां से गोदावरी नदी का उद्गम माना जाता है। इस सुंदर मंदिर की छटा दूर से ही देखते बनती है। इसे देखकर ऐसा लगता है कि मानों इसने कई सालों का इतिहास अपने अंदर दबाकर रखा हुआ है।
कैसे पहुंचे
नासिक से 28 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद त्रयंबकेश्वर मंदिर यातायात से पूरी तरह से जुड़ा हुआ है। यदि आप बस से पहुंचना चाहते हैं तो नासिक से सुबह पांच से लेकर रात नौ बजे तक हर 15 मिनट में सरकारी बसें चलाई जाती हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए कई निजी लग्जरी बसें भी उपलब्ध हैं। त्रयंबकेश्वर मंदिर का नजदीकी रेलवे स्टेशन नासिक ही है जो पूरे देश से रेल के जरिए जुड़ा हुआ है.
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सुबह आरती
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04:30 से 05:30
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विशेष आरती
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06:00 से 07:00
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दोपहर आरती
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12:00 से 12:20
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शाम आरती
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08:30 से 09 :00
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