पौराणिक कहानियां-अर्जुन और उर्वशी कथा

पाण्डव वनवास का जीवन व्यतीत कर रहे थे। भगवान व्यास की प्रेरणा से अर्जुन अपने भाइयों की आज्ञा लेकर तपस्या करने गए। तप करके उन्होंने भगवान शंकर को प्रसन्न किया, आशुतोष ने उन्हें अपना पाशुपतास्त्र प्रदान किया। इसके अनन्तर देवराज इन्द्र अपने रथ में बैठाकर अर्जुन को स्वर्गलोक ले गए। इन्द्र ने तथा अन्य लोकपालों … Read more

इस दिशा में रखें अलमारी, गहने और जमीन के कागज

दक्षिण-पश्चिम दिशा का कोना नैऋत्य कहलाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार इसका विस्तार 202.5 अंशों से 247.5 अंशों तक होता है। यह दिशा घर की महत्वपूर्ण दिशा होती है‌। यह मुख्य रूप से ग्रह स्वामी की दिशा होती है। जब तक गृह स्वामी की मन:स्थिति मजबूत एवं दृढ नहीं होगी, उसकी नेतृत्व क्षमता और उत्तम … Read more

योगिनी दशा फल – भद्रिका

आठ प्रकार की होती हैं योगिनी दशा, जीवन को करती हैं प्रभावित तंत्र शास्त्र में 64 योगिनियों का उल्लेख मिलता है। इनमें से प्रमुख अष्ट योगिनियों का तंत्र शास्त्र में विशेष महत्व बताया गया है जिनकी उपासना अष्ट भैरवों के साथ की जाती है। ज्योतिष में जिस तरह 120 वर्ष की विंशोत्तरी दशा होती है, … Read more

3 कारण जिसके चलते शनिदेव नहीं डालते हनुमान भक्तों पर नजर

जिसे लगाता है कि उसको शनि या अन्य किसी ग्रह की बाधा है, साढ़े साती, अढ़ाय्या या राहु की महादशा चल रहा है तो घबराने की जरूरत नहीं। जिन पर हनुमानजी की कृपा होती है, उसका शनि और यमराज भी बाल बांका नहीं कर सकते। आप प्रति मंगलवार हनुमान मंदिर जाएं और शराब व मांस … Read more

ऐसी जमीन पर है आपका घर तो नहीं होगी धन की कमी

ऐसी जमीन पर है आपका घर तो नहीं होगी धन की कमीअगर आप दिन रात मेहनत करते है और फिर भी आपके घर पैसे नहीं टिकते तो समझ लीजिए इसका कारण आपकी जमीन भी हो सकती है। वास्तुशास्त्र के अनुसार जिस जमीन पर आपका घर है या आपका व्यवसाय है अगर वह जमीन दोषपूर्ण है … Read more

योगिनी दशा फल – भ्रामरी

आठ प्रकार की होती हैं योगिनी दशा, जीवन को करती हैं प्रभावित तंत्र शास्त्र में 64 योगिनियों का उल्लेख मिलता है। इनमें से प्रमुख अष्ट योगिनियों का तंत्र शास्त्र में विशेष महत्व बताया गया है जिनकी उपासना अष्ट भैरवों के साथ की जाती है। ज्योतिष में जिस तरह 120 वर्ष की विंशोत्तरी दशा होती है, … Read more

ॐ के उच्चारण का रहस्य

यह संपूर्ण ब्रह्मांड का प्रतीक है। बहुत-सी आकाश गंगाएँ इसी तरह फैली हुई है। ब्रह्म का अर्थ होता है विस्तार, फैलाव और फैलना। ओंकार ध्वनि के 100 से भी अधिक अर्थ दिए गए हैं। यह अनादि और अनंत तथा निर्वाण की अवस्था का प्रतीक है। आइंसटाइन भी यही कह कर गए हैं कि ब्राह्मांड फैल … Read more

शयनकक्ष में क्यों न रखें टीवी? जानें बेडरूम के 7 महत्वपूर्ण वास्तु टिप्स

बेडरूम एक सुकून और आराम करने का स्थान है। कई लोग अपने दिन का लगभग एक तिहाई वक्त इस कमरे में बिताते हैं। घर में मास्टर बेडरूम की आदर्श दिशा दक्षिण-पश्चिम है जो स्थिरता का प्रतीक है। हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते हैं कि हर जीवित और निर्जीव वस्तुओं के बीच में … Read more

योगिनी दशा फल – धान्या

आठ प्रकार की होती हैं योगिनी दशा, जीवन को करती हैं प्रभावित तंत्र शास्त्र में 64 योगिनियों का उल्लेख मिलता है। इनमें से प्रमुख अष्ट योगिनियों का तंत्र शास्त्र में विशेष महत्व बताया गया है जिनकी उपासना अष्ट भैरवों के साथ की जाती है। ज्योतिष में जिस तरह 120 वर्ष की विंशोत्तरी दशा होती है, … Read more

64 योगिनियों में से एक मनोहरा योगिनी के बारे में रोचक जानकारी

आपने अष्ट या चौंसठ योगिनियों के बारे में सुना होगा। कुछ लोग तो इनके बारे में जानते भी होंगे। दरअसल ये सभी आदिशक्ति मां काली का अवतार है। घोर नामक दैत्य के साथ युद्ध करते हुए माता ने ये अवतार लिए थे। यह भी माना जाता है कि ये सभी माता पर्वती की सखियां हैं। … Read more