पीपल के पत्ते के 14 फायदे, उपयोग और नुकसान

पीपल का पेड़ अपने विशाल आकार और घनी छाया के लिए जाना जाता है। हवा चलने पर इसकी पत्तियों से तालियों के बजने जैसी आवाज आती है, लेकिन इन्हीं पीपल की पत्तियों के स्वास्थ्य संबंधी कई ऐसे फायदे हैं, जो आपको स्वस्थ रहने में मदद कर सकते हैं। पीपल का वैज्ञानिक नाम फिकस रेलिगिओसा होता … Read more

वास्तु दोष : घर के बाहर रंगोली बनाने से दूर होती है नेगेटिविटी

अगर घर में वास्तु दोष होता है तो उस घर में रहने वाले लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वास्तुदोष के कारण घर में नेगेटिविटी भी रहती है जो सभी कामों में बाधाएं आती हैं। इसे दूर करने के लिए ज्योतिष में कई उपाय भी बताए गए हैं। ये उपाय … Read more

दही में छुपे सेहत और सुंदरता के राज, जरूर जानिए

भोजन के साथ कई लोग नियमित दही लेते है, लेकिन जो लोग इसे अब तक खाना पसंद नहीं करते हैं, दही में छुपे सेहत और सुंदरता के राज जानने के बाद वे लोग भी इसे रोजाना खाना शुरू कर देंगे। आइए, जानते हैं दही के गुण – दही के रोजाना सेवन से शरीर की … Read more

शनिदेव के ये 5 छोटे उपाय देंगे हर परेशानी से मुक्ति

भगवान शनिदेव की व्यवस्था ईश्वरीय विधान की अनुपम झलक है। शनिदेव के गुप्तचर राहु व केतु द्वारा मानव के प्रत्येक कर्मों का लेखा-जोखा रखा जाता है। वे व्यक्ति को उसके श्रेष्ठ कर्मों के आधार पर ईश्वर शक्ति व सामर्थ्य देते हैं। इसी शक्ति के बल पर व्यक्ति एक तरह से प्रत्येक कार्य करने में स्वयं … Read more

छींक शकुन या अपशकुन, यहां पढ़ें 15 रोचक जानकारी

छींक को प्राय: अशुभ माना जाता है। रोगी मनुष्य यदि बार-बार छींकता है तो भी इस पर अपशकुन नहीं होता। लोक मानस का विश्वास है कि एक से अधिक छींक आने पर अपशकुन नहीं होता। रसोई में दूध उबलते समय यदि गृहिणी छींक दे तो आपत्तिजनक है। मार्ग में यदि गजराज छींक दे … Read more

कुंकुम के तिलक पर चावल लगाना जरूरी क्यों?

हिन्दू धर्म पूजन से जुड़ी अनेक परंपराएँ हैं। उन्हीं में से एक परंपरा है पूजन के समय माथे पर अधिकतर कुंकुम का तिलक लगाने की और उस पर चावल लगाकर चावल पीछे की तरफ फेंकने की। तिलक ललाट पर या छोटी सी बिंदी के रूप में दोनों भौहों के मध्य लगाय जाता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण … Read more

किसे करना चाहिए शुक्रवार का व्रत, जानिए 10 खास बातें

शुक्रवार का ग्रह है शुक्र ग्रह। शुक्रवार की प्रकृति मृ‍दु है। यह दिन एक और जहां लक्ष्मी का दिन है वहीं दूसरी ओर काली का भी। यह दैत्यों के गुरु शुक्राचार्य का दिन भी है। इस दिन माता लक्ष्मी और काली माता की पूजा करना चाहिए। यदि कुंडली में शुक्र की स्थिति निम्निलिखित अनुसार है … Read more

सूर्य का कन्या राशि में गोचर (16 सितम्बर, 2024)

सृष्टि सृजन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले महान ग्रह सूर्य 16 सितंबर की शाम 07 बजकर 43 मिनट पर सिंह राशि की यात्रा समाप्त करके बुध की राशि कन्या राशि में प्रवेश कर रहे हैं जहां ये 17 अक्तूबर को सुबह 07 बजकर 42 मिनट तक गोचर करेंगे उसके बाद तुला राशि में प्रवेश कर … Read more

शुक्र का तुला राशि में गोचर (18 सितम्बर, 2024)

शुक्र ग्रह 18 सितंबर को पूरे एक साल बाद घर वापसी कर रहे हैं। शुक्र भाद्र पूर्णिमा के दिन सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर अपनी नीच राशि कन्‍या से निकलकर स्‍वराशि तुला राशि में प्रवेश करेंगे और मालव्‍य राजयोग बनाएंगे। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की प्रत्येक चाल … Read more

क्यों करते हैं श्राद्ध क्यों होती है पितृपूजां

श्राद्ध पक्ष का हिन्दू धर्म में बड़ा महत्व है। प्राचीन सनातन धर्म के अनुसार हमारे पूर्वज देवतुल्य हैं और इस धरा पर हमने जीवन प्राप्त किया है और जिस प्रकार उन्होंने हमारा लालन-पालन कर हमें कृतार्थ किया है उससे हम उनके ऋणी हैं। समर्पण और कृतज्ञता की इसी भावना से श्राद्ध पक्ष प्रेरित है, जो … Read more