पांडवों के जन्म की कहानी

धृतराष्ट्र जन्म से ही अन्धे थे अतः उनकी जगह पर पाण्डु को राजा बनाया गया, इससे धृतराष्ट्र को सदा अपनी नेत्रहीनता पर क्रोध आता और पाण्डु से द्वेषभावना होने लगती। पाण्डु ने सम्पूर्ण भारतवर्ष को जीतकर कुरु राज्य की सीमाओ का यवनो के देश तक विस्तार कर दिया।एक बार राजा पाण्डु अपनी दोनों पत्नियों – … Read more

धृतराष्ट्र,पाण्डु तथा विदुर जन्म कथा

सत्यवती के चित्रांगद और विचित्रवीर्य नामक दो पुत्र हुये। शान्तनु का स्वर्गवास चित्रांगद और विचित्रवीर्य के बाल्यकाल में ही हो गया था इसलिये उनका पालन पोषण भीष्म ने किया। भीष्म ने चित्रांगद के बड़े होने पर उन्हें राजगद्दी पर बिठा दिया लेकिन कुछ ही काल में गन्धर्वों से युद्ध करते हुये चित्रांगद मारा गया। इस … Read more

बिना माँ के जन्मे थे कृपाचार्य और द्रोणाचार्य

गौतम ऋषि के पुत्र का नाम शरद्वान था। उनका जन्म बाणों के साथ हुआ था। उन्हें वेदाभ्यास में जरा भी रुचि नहीं थी और धनुर्विद्या से उन्हें अत्यधिक लगाव था। वे धनुर्विद्या में इतने निपुण हो गये कि देवराज इन्द्र उनसे भयभीत रहने लगे। इन्द्र ने उन्हें साधना से डिगाने के लिये नामपदी नामक एक … Read more

बिना माँ के जन्मे थे कृपाचार्य और द्रोणाचार्य

गौतम ऋषि के पुत्र का नाम शरद्वान था। उनका जन्म बाणों के साथ हुआ था। उन्हें वेदाभ्यास में जरा भी रुचि नहीं थी और धनुर्विद्या से उन्हें अत्यधिक लगाव था। वे धनुर्विद्या में इतने निपुण हो गये कि देवराज इन्द्र उनसे भयभीत रहने लगे। इन्द्र ने उन्हें साधना से डिगाने के लिये नामपदी नामक एक … Read more

श्री गणेश के 8 अवतारों की कहानी

भगवान शिव और विष्णु की ही तरह श्री गणेश ने भी असुरों के नाश और धर्म की रक्षा के लिए कई बार अवतार लिया था। पुराणों के अनुसार हर युग में असुरी शक्ति को खत्म करने के लिए उन्होंने विकट, महोदर, विघ्नेश्वर जैसे आठ अलग-अलग नामों के अवतार लिए हैं। ये … Read more

पूर्व जन्म में मेंढक थी मंदोदरी, जानिए मंदोदरी से जुडी कुछ रोचक बातें

रामायण की एक प्रमुख पात्र मंदोदरी, दैत्यराज मायासुर की पुत्री और लंकापति रावण की पत्नी थी। आज इस लेख में हम मंदोदरी से जुडी कुछ रोचक और अनसुनी बातों के बारे में जानेंगे।मंदोदरी के पूर्व जन्म की कहानीहिन्दू पुराणों में दर्ज एक कथा के अनुसार, एक बार मधुरा नामक एक अप्सरा कैलाश पर्वत पर पहुंची … Read more

यमराज को क्यों लेना पड़ा विदुर रुप में अवतार

मैत्रेय जी ने विदुर से कहा, ‘‘मांडव्य ऋषि के शाप के कारण ही तुम यमराज से दासी पुत्र बने। कथा कुछ इस प्रकार है-एक बार कुछ चोरों ने राजकोष से चोरी की। चोरी का समाचार फैला। राज कर्मचारी चोरों की खोज में भागे। चोरों का पीछा किया। चोर घबरा गए। माल के साथ भागना मुश्किल … Read more

सिद्धवट – यहां हुआ था कार्तिकेय स्वामी का मुंडन

शास्त्रों के श्राद्ध पक्ष में सभी मृत पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पुण्य कर्म करने की परंपरा है। स्कंद पुराण के अनुसार उज्जैन के सिद्धवट घाट पर मृत परिजनों की आत्म शांति के लिए श्राद्ध और तर्पण करने पर आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है और घर-परिवार के … Read more

श्री रणकपुर मंदिर – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

राजस्‍थान में स्थित रणकपुर जैन धर्म के पांच प्रमुख तीर्थस्‍थलों में से एक है। यह स्‍थान खूबसूरती से तराशे गए प्राचीन जैन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। इन मंदिरों का निर्माण 15 वीं शताब्‍दी में राणा कुंभा के शासनकाल में हुआ था। इन्‍हीं के नाम पर इस जगह का नाम रणकपुर पड़ा। यहां के जैन … Read more

श्री तिरुपति बालाजी मंदिर – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

तिरुमाला पर्वत पर स्थित भगवान बालाजी के मंदिर की महत्ता कौन नहीं जानता। भगवान व्यंकटेश स्वामी को संपूर्ण ब्रह्मांड का स्वामी माना जाता है। हर साल करोड़ों लोग इस मंदिर के दर्शन के लिए आते हैं। साल के बारह महीनों में एक भी दिन ऐसा नहीं जाता जब यहाँ वेंकटेश्वरस्वामी के दर्शन करने के लिए … Read more