जब महर्षि भृगु ने त्रिदेवों की परीक्षा ली

बहुत काल के बाद महान ऋषियों द्वारा पृथ्वी पर एक महान यज्ञ किया गया। तब उस समय प्रश्न उठा कि इसका पुण्यफल त्रिदेवों में सर्वप्रथम किसे प्रदान किया जाये। तब महर्षि अंगिरा ने सुझाव दिया कि इन तीनों में जो कोई भी “त्रिगुणातीत”, अर्थात सत, राज और तम गुणों के अधीन ना हो उसे ही … Read more

भगवान शिव के अवतार – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

भगवान शिव के अवतार –भगवान विष्णु के अवतार के बारे में तो सभी जानते हैं लेकिन भगवान शिव के अवतारों के बारे में बहुत कम लोग जानते होंगे। भगवान विष्णु के अवतारों के बारे में विस्तार से यहाँ पड़ें। आज हम आपको भगवान शिव के अवतारों के बारे में बताते हैं। … Read more

भगवान श्री विष्णु के दशावतार

दशावतार –हिन्दू धर्म में अवतारों की बड़ी महत्ता है। वैसे तो कई देवताओं ने अवतार लिए किन्तु भगवान विष्णु के अवतार का महत्त्व सबसे अधिक माना जाता है। भगवान शिव के भी कई अवतार हैं किन्तु उनके लिए ज्योतिर्लिंगों को अवतार पर प्रधानता दी जाती है। भगवान विष्णु के दस अवतारों में पहले … Read more

।। जय ब्रह्मदेव ।। – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

ब्रह्मा हिन्दू धर्म के त्रिदेवों में से एक हैं। ये सृष्टिकर्ता हैं जो पालनहार नारायण एवं संहारक शिव के साथ त्रिमूर्ति को पूर्ण करते हैं। इन्हे हिरण्यगर्भ कहा जाता है क्यूँकि इनकी उत्पत्ति ब्रम्ह-अण्ड (ब्रम्हांड) से मानी जाती है। समस्त सृष्टि का सृजन करने के लिए इन्हे परमपिता भी कहा जाता है। ये त्रिदेवों में … Read more

जब स्वर्ग के राजा बने नहुष को बनना पड़ा अजगर

कहानी श्रीमद् भागवत की है। महाभारत में भी इसका उल्लेख मिलता है। जब मनु के वंश की चौथी-पांचवी पीढ़ी ही थी। स्वर्ग में इंद्र का राज्य था। एक बार दुर्वासा ऋषि के अपमान के कारण इंद्र को उनके शाप का भागी बनना पड़ा। दुर्वासा ऋषि के शाप के कारण इंद्र बल … Read more

।। जय ब्रह्मदेव ।। – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

ब्रह्मा हिन्दू धर्म के त्रिदेवों में से एक हैं। ये सृष्टिकर्ता हैं जो पालनहार नारायण एवं संहारक शिव के साथ त्रिमूर्ति को पूर्ण करते हैं। इन्हे हिरण्यगर्भ कहा जाता है क्यूँकि इनकी उत्पत्ति ब्रम्ह-अण्ड (ब्रम्हांड) से मानी जाती है। समस्त सृष्टि का सृजन करने के लिए इन्हे परमपिता भी कहा जाता है। ये त्रिदेवों में … Read more

जब हनुमान जी हारे एक तपस्वी से

श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी को वीरों के वीर महावीर कहा जाता है। जिन्होंने अपने प्रभु राम की रक्षा करने के लिए बहुत से युद्ध किए और जीते। शास्त्रों में इन्हें संकटमोटन कहा जाता है क्योंकि ये अपने भक्तों को हर संकट से उबारते हैं। रामायण महाकाव्य में महर्षि वाल्मीकि ने राम चंद्र और … Read more

जब कौरवों ने पांडवों को जलाकर मारने की रची साज़िश

दैवयोग तथा शकुनि के छल कपट से कौरवों और पाण्डवों में वैर की आग प्रज्वलित हो उठी। दुर्योधन बड़ी खोटी बुद्धि का मनुष्य था। उसने शकुनि के कहने पर पाण्ड्वो को बचपन मे कई बार मारने का प्रयत्न किया। युवावस्था मे आकर जब गुणो मे उससे अधिक श्रेष्ठ युधिष्ठर को युवराज … Read more

कहानी एकलव्य की – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

एकलव्य महाभारत का एक पात्र है। वह हिरण्य धनु नामक निषाद का पुत्र था। एकलव्य को अप्रतिम लगन के साथ स्वयं सीखी गई धनुर्विद्या और गुरुभक्ति के लिए जाना जाता है। पिता की मृत्यु के बाद वह श्रृंगबेर राज्य का शासक बना। अमात्य परिषद की मंत्रणा से उसने न केवल अपने राज्य का संचालन करता … Read more

कर्ण के जन्म की कहानी

यदुवंशी राजा शूरसेन की पोषित कन्या कुन्ती जब सयानी हुई तो पिता ने उसे घर आये हुये महात्माओं के सेवा में लगा दिया। पिता के अतिथिगृह में जितने भी साधु-महात्मा, ऋषि-मुनि आदि आते, कुन्ती उनकी सेवा मन लगा कर किया करती थी। एक बार वहाँ दुर्वासा ऋषि आ पहुँचे। कुन्ती ने उनकी भी मन लगा … Read more