कहानी एकलव्य की – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

एकलव्य महाभारत का एक पात्र है। वह हिरण्य धनु नामक निषाद का पुत्र था। एकलव्य को अप्रतिम लगन के साथ स्वयं सीखी गई धनुर्विद्या और गुरुभक्ति के लिए जाना जाता है। पिता की मृत्यु के बाद वह श्रृंगबेर राज्य का शासक बना। अमात्य परिषद की मंत्रणा से उसने न केवल अपने राज्य का संचालन करता … Read more

कर्ण के जन्म की कहानी

यदुवंशी राजा शूरसेन की पोषित कन्या कुन्ती जब सयानी हुई तो पिता ने उसे घर आये हुये महात्माओं के सेवा में लगा दिया। पिता के अतिथिगृह में जितने भी साधु-महात्मा, ऋषि-मुनि आदि आते, कुन्ती उनकी सेवा मन लगा कर किया करती थी। एक बार वहाँ दुर्वासा ऋषि आ पहुँचे। कुन्ती ने उनकी भी मन लगा … Read more

पांडवों के जन्म की कहानी

धृतराष्ट्र जन्म से ही अन्धे थे अतः उनकी जगह पर पाण्डु को राजा बनाया गया, इससे धृतराष्ट्र को सदा अपनी नेत्रहीनता पर क्रोध आता और पाण्डु से द्वेषभावना होने लगती। पाण्डु ने सम्पूर्ण भारतवर्ष को जीतकर कुरु राज्य की सीमाओ का यवनो के देश तक विस्तार कर दिया।एक बार राजा पाण्डु अपनी दोनों पत्नियों – … Read more

धृतराष्ट्र,पाण्डु तथा विदुर जन्म कथा

सत्यवती के चित्रांगद और विचित्रवीर्य नामक दो पुत्र हुये। शान्तनु का स्वर्गवास चित्रांगद और विचित्रवीर्य के बाल्यकाल में ही हो गया था इसलिये उनका पालन पोषण भीष्म ने किया। भीष्म ने चित्रांगद के बड़े होने पर उन्हें राजगद्दी पर बिठा दिया लेकिन कुछ ही काल में गन्धर्वों से युद्ध करते हुये चित्रांगद मारा गया। इस … Read more

बिना माँ के जन्मे थे कृपाचार्य और द्रोणाचार्य

गौतम ऋषि के पुत्र का नाम शरद्वान था। उनका जन्म बाणों के साथ हुआ था। उन्हें वेदाभ्यास में जरा भी रुचि नहीं थी और धनुर्विद्या से उन्हें अत्यधिक लगाव था। वे धनुर्विद्या में इतने निपुण हो गये कि देवराज इन्द्र उनसे भयभीत रहने लगे। इन्द्र ने उन्हें साधना से डिगाने के लिये नामपदी नामक एक … Read more

बिना माँ के जन्मे थे कृपाचार्य और द्रोणाचार्य

गौतम ऋषि के पुत्र का नाम शरद्वान था। उनका जन्म बाणों के साथ हुआ था। उन्हें वेदाभ्यास में जरा भी रुचि नहीं थी और धनुर्विद्या से उन्हें अत्यधिक लगाव था। वे धनुर्विद्या में इतने निपुण हो गये कि देवराज इन्द्र उनसे भयभीत रहने लगे। इन्द्र ने उन्हें साधना से डिगाने के लिये नामपदी नामक एक … Read more

श्री गणेश के 8 अवतारों की कहानी

भगवान शिव और विष्णु की ही तरह श्री गणेश ने भी असुरों के नाश और धर्म की रक्षा के लिए कई बार अवतार लिया था। पुराणों के अनुसार हर युग में असुरी शक्ति को खत्म करने के लिए उन्होंने विकट, महोदर, विघ्नेश्वर जैसे आठ अलग-अलग नामों के अवतार लिए हैं। ये … Read more

पूर्व जन्म में मेंढक थी मंदोदरी, जानिए मंदोदरी से जुडी कुछ रोचक बातें

रामायण की एक प्रमुख पात्र मंदोदरी, दैत्यराज मायासुर की पुत्री और लंकापति रावण की पत्नी थी। आज इस लेख में हम मंदोदरी से जुडी कुछ रोचक और अनसुनी बातों के बारे में जानेंगे।मंदोदरी के पूर्व जन्म की कहानीहिन्दू पुराणों में दर्ज एक कथा के अनुसार, एक बार मधुरा नामक एक अप्सरा कैलाश पर्वत पर पहुंची … Read more

यमराज को क्यों लेना पड़ा विदुर रुप में अवतार

मैत्रेय जी ने विदुर से कहा, ‘‘मांडव्य ऋषि के शाप के कारण ही तुम यमराज से दासी पुत्र बने। कथा कुछ इस प्रकार है-एक बार कुछ चोरों ने राजकोष से चोरी की। चोरी का समाचार फैला। राज कर्मचारी चोरों की खोज में भागे। चोरों का पीछा किया। चोर घबरा गए। माल के साथ भागना मुश्किल … Read more

सिद्धवट – यहां हुआ था कार्तिकेय स्वामी का मुंडन

शास्त्रों के श्राद्ध पक्ष में सभी मृत पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पुण्य कर्म करने की परंपरा है। स्कंद पुराण के अनुसार उज्जैन के सिद्धवट घाट पर मृत परिजनों की आत्म शांति के लिए श्राद्ध और तर्पण करने पर आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है और घर-परिवार के … Read more