जब महर्षि भृगु ने त्रिदेवों की परीक्षा ली
बहुत काल के बाद महान ऋषियों द्वारा पृथ्वी पर एक महान यज्ञ किया गया। तब उस समय प्रश्न उठा कि इसका पुण्यफल त्रिदेवों में सर्वप्रथम किसे प्रदान किया जाये। तब महर्षि अंगिरा ने सुझाव दिया कि इन तीनों में जो कोई भी “त्रिगुणातीत”, अर्थात सत, राज और तम गुणों के अधीन ना हो उसे ही … Read more