यमराज को क्यों लेना पड़ा विदुर रुप में अवतार

मैत्रेय जी ने विदुर से कहा, ‘‘मांडव्य ऋषि के शाप के कारण ही तुम यमराज से दासी पुत्र बने। कथा कुछ इस प्रकार है-एक बार कुछ चोरों ने राजकोष से चोरी की। चोरी का समाचार फैला। राज कर्मचारी चोरों की खोज में भागे। चोरों का पीछा किया। चोर घबरा गए। माल के साथ भागना मुश्किल … Read more

सिद्धवट – यहां हुआ था कार्तिकेय स्वामी का मुंडन

शास्त्रों के श्राद्ध पक्ष में सभी मृत पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पुण्य कर्म करने की परंपरा है। स्कंद पुराण के अनुसार उज्जैन के सिद्धवट घाट पर मृत परिजनों की आत्म शांति के लिए श्राद्ध और तर्पण करने पर आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है और घर-परिवार के … Read more

श्री रणकपुर मंदिर – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

राजस्‍थान में स्थित रणकपुर जैन धर्म के पांच प्रमुख तीर्थस्‍थलों में से एक है। यह स्‍थान खूबसूरती से तराशे गए प्राचीन जैन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। इन मंदिरों का निर्माण 15 वीं शताब्‍दी में राणा कुंभा के शासनकाल में हुआ था। इन्‍हीं के नाम पर इस जगह का नाम रणकपुर पड़ा। यहां के जैन … Read more

श्री तिरुपति बालाजी मंदिर – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

तिरुमाला पर्वत पर स्थित भगवान बालाजी के मंदिर की महत्ता कौन नहीं जानता। भगवान व्यंकटेश स्वामी को संपूर्ण ब्रह्मांड का स्वामी माना जाता है। हर साल करोड़ों लोग इस मंदिर के दर्शन के लिए आते हैं। साल के बारह महीनों में एक भी दिन ऐसा नहीं जाता जब यहाँ वेंकटेश्वरस्वामी के दर्शन करने के लिए … Read more

जब गणेश ने दिया तुलसी को वृक्ष होने का श्राप

एक समय की बात है। नवयौवन सम्पन्ना तुलसी देवी नारायण परायण हो तपस्या के निमित्त तीर्थों में भ्रमण करती हुई गंगा तट पर जा पहुँचीं। वहाँ उन्होंने गणेश को देखा, जिनकी नयी जवानी थी; जो अत्यंत सुंदर, शुद्ध और पीताम्बर धारण किए हुए थे; सुन्दरता जिनके मन का अपहरण नहीं कर … Read more

51 शक्ति पीठ – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

51 शक्ति पीठ इतिहास एवं कथा :हिन्दू धर्म के पुराणों के अनुसार जहां-जहां सती के अंग के टुकड़े, धारण किए वस्त्र या आभूषण गिरे, वहां-वहां शक्तिपीठ अस्तित्व में आया। ये शक्ति पीठ पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर फैले हुए हैं। देवी पुराण में 51 शक्तिपीठों का वर्णन है। हालांकि देवी भागवत में जहां 108 और देवी … Read more

बारह ज्योतिर्लिंग – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

हिन्दू धर्म में मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री शिवशंकर ने देश के जिन 12 स्थानों पर अवतार लेकर अपने भक्तों को वरदान दिया, उन बारह स्थानों पर स्थित शिवलिंगों को ज्योतिर्लिंगों के रूप में पूजा जाता है। 12 ज्योतिर्लिंग इस प्रकार है: 1- श्री सोमनाथ, गुजरात, 2- श्री मल्लिकार्जुन, आंध्र प्रदेश, 3- श्री महाकालेश्वर, मध्य प्रदेश, … Read more

चार धाम – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

भारत में प्रमुख तीर्थ स्थलों में चार धाम की यात्रा महत्वपूर्ण मानी गयी है, चार धाम की यात्रा करते समय हो सकता है कि ज्यादातर लोगों को यह नहीं मालूम हो कि ये चारों धाम कहां हैं और इनकी यात्रा का महत्व क्या है। हाल ही के प्रचार माध्‍यम के चलते उत्तराखंड में गंगोत्री, यमुनोत्री, … Read more

श्री त्र्यंबकेश्वर मंदिर – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

महाराष्ट्र के प्रमुख शहर नासिक से महज 28 किलोमीटर की दूरी पर त्रयंबकेश्वर [तीन नेत्र वाले ईश्वर] ज्योतिर्लिंग मंदिर स्थित है। इस मंदिर को लेकर ऐसा माना जाता है कि यहां त्रिदेव विराजमान हैं। यह एकमात्र ऐसा ज्योतिर्लिंग है जहां केवल भगवान शिव नहीं बल्कि भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा भी हैं। इसी मंदिर के … Read more

श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग धाम – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

ऐसा माना जाता है कि मुख्य मंदिर को स्वंय चंद्रदेव सोम ने सोने से बनवाया था, क्योंकि वह दक्ष प्रजापति के श्रप से मुक्ति पाना चाहता था। इसके बाद इसे सूर्य देवता ने चांदी से और फिर श्री कृष्ण ने इसे लकड़ी से बनवाया। 11वीं शताब्दी में सोलंकी राजपूत ने चलुकयान शैली में पत्थर से … Read more