रामायण काल के 10 प्रमुख मायावी राक्षस

रामायण काल में कई मायावी राक्षस हुए है, जिन्होंने रामायण में अलग-अलग समय पर अपनी खास भूमिका निभाई थी। इस स्टोरी में हम रामायण काल के ऐसे ही 10 राक्षसों के बारे में बताएंगे जिनका वर्णन वाल्मीकि रामायण और रामचरित मानस में पाया जाता है।1. रावणरावण एक कुशल राजनीतिज्ञ, सेनापति और … Read more

कौन थे राजा कुरु, कैसे आगे बढ़ा कुरुवंश

राजा कुरु महाभारत में बताए गए कुरु वंश के प्रथम पुरुष थे। वे बड़े प्रतापी और तेजस्वी राजा थे। पांडवों और कौरवों ने भी कुरु वंश में ही जन्म लिया था। विश्व प्रसिद्ध महाभारत का युद्ध भी कुरुवंशियों में ही लड़ा गया।महाभारत के अनुसार, हस्तिनापुर में एक प्रतापी राजा थे, जिनका नाम संवरण था। इनका … Read more

भीम क्यों जला देना चाहते थे युधिष्ठिर के दोनों हाथ?

महाभारत के प्रमुख पात्र भीम, अर्जुन, नकुल व सहदेव अपने बड़े भाई युधिष्ठिर का बहुत आदर करते थे। युधिष्ठिर जो आज्ञा देते, उनके भाई उसे किसी भी तरह पूरी करते थे। महाभारत में सभा पर्व में एक प्रसंग ऐसा भी आता है जब भीम युधिष्ठिर पर बहुत गुस्सा हो जाते हैं और सहदेव से अग्नि … Read more

आखिर जनक ने सीता स्वयंवर में अयोध्या नरेश दशरथ को आमंत्रण क्यों नहीं भेजा

राजा जनक के शासनकाल में एक व्यक्ति का विवाह हुआ। जब वह पहली बार सज-सँवरकर ससुराल के लिए चला, तो रास्ते में चलते-चलते एक जगह उसको दलदल मिला, जिसमें एक गाय फँसी हुई थी, जो लगभग मरने के कगार पर थी। उसने विचार किया कि गाय तो कुछ देर में मरने वाली ही है तथा … Read more

भीम, हनुमान और पुरुषमृगा- हनुमान ने भीम को क्यों दिए अपने तीन बाल

एक बार पांडवों के पास नारद मुनि आए और उन्होंने युधिष्ठर से कहा की स्वर्ग में आपके पिता पांडु दुखी हैं। कारण पूछने पर उन्होंने कहा की पांडु अपने जीते जी राजसूय यज्ञ करना चाहते थे जो न कर सके ऐसे में आपको ऐसा कर उनकी आत्मा को शांति पहुंचना चाहिए।तब … Read more

जानिए क्यों स्वयं श्रीराम ने तोड़ दिया था रामसेतु

वाल्मीकि रामायण के अनुसार लंका पर चढ़ाई करते समय भगवान श्रीराम के कहने पर वानरों और भालुओं ने रामसेतु का निर्माण किया था, ये बात हम सभी जानते हैं। लेकिन जब श्रीराम विभीषण से मिलने दोबारा लंका गए, तब उन्होंने रामसेतु का एक हिस्सा स्वयं ही तोड़ दिया था, ये बात … Read more

जानिए शनिदेव कैसे हुए लंगड़े

ज्योतिष शास्त्रानुसार शनि एक धीमी गति से चलने वाला ग्रह है। शनिदेव को एक राशि को पार करने में लगभग ढा़ई वर्ष का समय लगता है। पौराणिक शास्त्रानुसार शनिदेव लंगड़ाकर चलते हैं जिस कारण उनकी चलने की गति धीमी है।आखिर शनि देव लंगड़े कैसे हुए, इसके बारे शास्त्रों में एक रोचक कथा दी हुई है। … Read more

बेटे कि मृत्यु के साथ ही फट गया था पिता का भी मस्तक

महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित महाभारत में अनेक ऐसे पात्र हैं, जिनके बारे में लोग कम ही जानते हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही पात्र जयद्रथ के बारे में बता रहे हैं। जयद्रथ की मृत्यु अर्जुन के हाथों हुई थी। अर्जुन ने जयद्रथ का सिर इस प्रकार काटा था कि वह जाकर तपस्या कर रहे … Read more

भगवान विष्णु के कूर्म अवतार की कहानी

वैशाख मास की पूर्णिमा पर कूर्म जयंती का पर्व मनाया जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु ने कूर्म (कछुए) का अवतार लिया था तथा समुद्र मंथन में सहायता की थी। भगवान विष्णु के कूर्म अवतार को कच्छप अवतार भी कहते हैं। कूर्मावतार भगवान के प्रसिद्ध दस अवतारों में द्वितीय अवतार है, … Read more

सोमवार व्रत कथा – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

एक समय श्री भूतनाथ महादेव जी मृत्युलोक में विहार की इच्छा करके माता पार्वती के साथ पधारे। विदर्भ देश की अमरावती नगरी जो कि सभी सुखों से परिपूर्ण थी वहां पधारे. वहां के राजा द्वारा बनाया एक अत्यंत सुन्दर शिव मंदिर था, जहां वे रहने लगे। एक बार पार्वती जी ने चौसर खलने की इच्छा … Read more