विजया एकादशी व्रत – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजया एकादशी कहते हैं। धर्म शास्त्रों के अनुसार इस व्रत को करने सभी परिस्थितियों पर विजय प्राप्त करने का सामथ्र्य प्राप्त होता है। विजया एकादशी व्रत कथा –एक बार देवर्षि नारद ने जगत पिता ब्रह्माजी से कहा- ‘हे ब्रह्माजी! आप मुझे फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की विजया … Read more

बसंत पंचमी – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

बसंत पंचमी उत्सव भारत के पूर्वी क्षेत्र में बड़े उत्साह से मनाया जाता हैं, इसे सरस्वती देवी जयंती के रूप में पूजा जाता हैं, जिसका महत्व पश्चिम बंगाल में अधिक देखने मिलता हैं . बड़े पैमाने पर पुरे देश में सरस्वती पूजा अर्चना एवम दान का आयोजन किया जाता हैं . इस दिन को संगीत … Read more

तिल द्वादशी – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

माघ मास की कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को तिल द्वादशी का व्रत किया जाता है। इस दिन खास तौर पर भगवान विष्णु का पूजन तिल से किया जाता है तथा पवित्र नदियों में स्नान व दान करने का नियम है। इनसे मनुष्य को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। हमारे धार्मिक पौराणिक ग्रंथ पद्म … Read more

पोंगल – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

पोंगल तमिल हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह प्रति वर्ष 14-15 जनवरी को मनाया जाता है। इसकी तुलना नवान्न से की जा सकती है जो फसल की कटाई का उत्सव होता है (शस्योत्सव)। पोंगल का तमिल में अर्थ उफान या विप्लव होता है। पारम्परिक रूप से ये सम्पन्नता को समर्पित त्यौहार है जिसमें समृद्धि लाने के लिए वर्षा, धूप तथा … Read more

मकर संक्रांति – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

हर साल 14 या 15 जनवरी को हिन्दूओं द्वारा मनाये जाने वाला त्यौहार मकर संक्रांति को ही लें, तो यह पौष मास में सूर्य से मकर राशि में प्रवेश करने पर मनाया जाता है। वैसे तो संक्राति साल में 12 बार हर राशि में आती है, लेकिन मकर और कर्क राशि में इसके प्रवेश पर … Read more

पुत्रदा एकादशी व्रत – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

पुत्रदा एकादशी का व्रत वर्ष में दो बार, पौष व श्रावण, में आता हैं। पौष माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी को पौष पुत्रदा एकादशी के नाम से एवं श्रावण माह की शुक्ल पक्ष एकादशी को श्रावण पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता हैं। पद्म पुराण के अनुसार सांसारिक सुखों की प्राप्ति और पुत्र … Read more

जानिए दानव गुरु शुक्राचार्य क्यों कहलाए शिव पुत्र

भगवान शिव को समर्पित ग्रंथ शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव ने दैत्य गुरु शुक्राचार्य को निगल लिया था। पर उन्होंने ऐसा क्यों किया इसके पिछे एक रोचक कथा है। आइये जानते है क्या है यह कथा –शुक्राचार्य भृगु महर्षि के पुत्र थे। देवताओं के गुरु बृहस्पति अंगीरस के पुत्र थे। इन दोनों बालकों ने बाल्यकाल … Read more

भील-भीलनी की शिव भक्ति – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

सिंहकेतु पांचाल देश का एक राजा था। राजा बहुत बड़ा शिवभक्त था। शिव आराधना और शिकार उसके दो चीजें प्यारी थीं। वह शिकार खेलने रोज जंगल जाता था एक घने जंगल में सिंहकेतु को एक ध्वस्त मंदिर दिखा। राजा शिकार की धुन में आगे बढ गया पर सेवक भील ने ध्यान से देखा तो वह … Read more

रामायण काल के 10 प्रमुख मायावी राक्षस

रामायण काल में कई मायावी राक्षस हुए है, जिन्होंने रामायण में अलग-अलग समय पर अपनी खास भूमिका निभाई थी। इस स्टोरी में हम रामायण काल के ऐसे ही 10 राक्षसों के बारे में बताएंगे जिनका वर्णन वाल्मीकि रामायण और रामचरित मानस में पाया जाता है।1. रावणरावण एक कुशल राजनीतिज्ञ, सेनापति और … Read more

कौन थे राजा कुरु, कैसे आगे बढ़ा कुरुवंश

राजा कुरु महाभारत में बताए गए कुरु वंश के प्रथम पुरुष थे। वे बड़े प्रतापी और तेजस्वी राजा थे। पांडवों और कौरवों ने भी कुरु वंश में ही जन्म लिया था। विश्व प्रसिद्ध महाभारत का युद्ध भी कुरुवंशियों में ही लड़ा गया।महाभारत के अनुसार, हस्तिनापुर में एक प्रतापी राजा थे, जिनका नाम संवरण था। इनका … Read more