बिना इस व्रत कथा को पढ़े गुरुवार व्रत है अधूरा

माना जाता है गुरुवार व्रत करने से बृहस्पति देवता प्रसन्न होते हैं। अगर आपने गुरुवार व्रत रखा है तो पूजन के समय बृहस्पतिवार व्रत कथा का जरूर पाठ करना चाहिए।”, ब्रहस्पतिवार को भगवान विष्णु और बृहस्पति देव दोनों की ही पूजा होती है। माना जाता है गुरुवार व्रत करने से बृहस्पति देवता प्रसन्न होते हैं। … Read more

बिना कथा श्रवण के नहीं मिलता संकष्टी चतुर्थी व्रत का फल

ऐसे में कहते हैं संकष्टी चतुर्थी पर गणपति महाराज के आशीर्वाद से भक्तों के जीवन में चल रहे संकट दूर हो जाते हैं लेकिन व्रती को इस व्रत का फल तभी प्राप्त होता है जब वह संकष्टी चतुर्थी की कथा को सुनता है। जी हाँ, अब आज हम आपको बताने जा रहे हैं संकष्टी चतुर्थी … Read more

राजा चित्रकेतु का मोह – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

शूरसेन प्रदेश में किसी समय चित्रकेतु नामक अत्यन्त प्रतापी राजा थे। उनकी रानियों की तो संख्या ही ज्ञात करना कठिन था, इस पर भी सन्तान से वंचित थे। एक दिन महर्षि अंगिरा राजा चित्रकेतु के राजभवन में पधारे। संतान के लिए अत्यन्त लालायित नरेश को देखकर उन्होंने एक यज्ञ कराया और यज्ञशेष हविष्यान्न राजा की … Read more

पौराणिक रहस्य – सुदामा को गरीबी क्यों मिली?

सुदामा को गरीबी क्यों मिली?- अगर अध्यात्मिक दृष्टिकोण से देखा जाये तो सुदामा जी बहुत धनवान थे। जितना धन उनके पास था किसी के पास नही था । लेकिन अगर भौतिक दृष्टि से देखा जाये तो सुदामाजी बहुत निर्धन थे । आखिर क्यों ?एक ब्राह्मणी थी जो बहुत गरीब निर्धन थी। भिच्छा माँग कर जीवन … Read more

महाभारत की ये 10 रहस्यमय विचित्र कथाएं

वेदव्यास की महाभारत को बेशक मौलिक माना जाता है, लेकिन कहते हैं कि वह 3 चरणों में लिखी गई। पहले चरण में 8,800 श्लोक, दूसरे चरण में 24 हजार और तीसरे चरण में 1 लाख श्लोक लिखे गए। वेदव्यास की महाभारत के अलावा भंडारकर ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट, पुणे की संस्कृत महाभारत सबसे प्रामाणिक मानी जाती … Read more

मोहिनी और विष्णु भक्त रुक्मांगद की कहानी

प्राचीन काल में रुक्मांगद नामक एक प्रसिद्ध सार्वभौम नरेश थे। भगवान की आराधना ही उनका जीवन था। वे चराचार जगत में अपने आराध्य भगवान हषीकेश के दर्शन करते तथा भगवान विष्णु की सेवा की भावना से ही अपने राज्य का संचालन करते थे। वे सभी प्राणियों पर क्षमा भाव रखते थे। राजा रुक्मांगद ने अपने … Read more

पिगमेंटेशन (झाइयां) के लक्षण, कारण, घरेलू इलाज

अधिक देर तक धूप में रहने से सूजन की अल्ट्रावायॅलेट किरणें त्वचा को नुकसान पहुँचाती हैं। पोषक तत्वों का सेवन ना करना। इससे शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। केमिकल युक्त उत्पादों का त्वचा पर लम्बे समय तक प्रयोग करना। महिलाओं में यह सबसे ज्यादा हार्मोनल असंतुलन के कारण होता … Read more

हिन्दू पौराणिक ग्रंथों में मिलते हैं ये 11 प्रमुख श्राप

हिन्दू पौराणिक ग्रंथों में अनेकों अनेक वरदाना और श्रापों का वर्णन मिलता है। जहां तक श्राप का संबंध है जो हर एक के पीछे कोई कहानी और कारण मिलता है। वरदानों ने जितना घटनाक्रम को संचालित किया उससे कहीं ज्यादा श्रापों ने भविष्य में होने वाली घटनाओं को संचालित किया। आज हम आपको बताएंगे ऐसे … Read more

महाभारत के युद्ध में जब श्रीकृष्ण ने ‘हनुमान जी’ के क्रोध को किया शांत

महाभारत के युद्ध में अर्जुन के रथ पर बैठे हनुमानजी कभी-कभी खड़े हो कर कौरवों की सेना की तरफ घूर कर देखते तो उस समय कौरवों की सेना तूफान की गति से युद्ध भूमि को छोड़ कर भाग जाती, हनुमानजी की दृष्टि का सामना करने का साहस किसी में नहीं था, उस दिन भी ऐसा … Read more

पाषाण भेद के ज़बरदस्त फायदे

पाषाणभेद मधुर, कटु, तिक्त, कषाय, शीत, लघु, स्निग्ध, तीक्ष्ण तथा त्रिदोषहर होता है। यह सारक, अश्मरी-भेदक, वस्तिशोधक तथा मूत्रविरेचक होता है। यह अर्श, गुल्म, मूत्रकृच्छ्र, अश्मरी, हृद्रोग, योनिरोग, प्रमेह, प्लीहारोग, शूल, व्रण, दाह, शिश्नशूल तथा अतिसार-नाशक होता है। इसका पौधा पूयरोधी, तिक्त तथा कषाय होता है। यह स्नायुरोग, अधरांगवात, गृध्रसी, व्रण, ग्रन्थिशोथ, विषाक्तता, कण्डु तथा … Read more