इंसान की सेवा करना ईश्वर की सच्ची सेवा हैं
एकबार जब स्वामी विवेकानन्द अपने ठाकुर सद्गुरु रामकृष्ण परमहंस जी के पास आते है और कहते है की मै तपस्या करना चाहता हूं तो रामकृष्ण परमहंस ने कहा की जब तुम्हारे आस पास के लोग दुःख और दरिद्रता से व्यथित हो तो क्या तुम्हारा मन तपस्या में लग पायेगा, तुम्हे तो तपस्या की बात अपने … Read more