महाभारत के 20 प्रमुख पात्र

महाभारत को शास्त्रों में पांचवां वेद कहा गया है। इसके रचयिता महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास हैं। महर्षि वेदव्यास ने इस ग्रंथ के बारे में स्वयं कहा है- यन्नेहास्ति न कुत्रचित्। अर्थात जिस विषय की चर्चा इस ग्रंथ में नहीं की गई है, उसकी चर्चा अन्यत्र कहीं भी उपलब्ध नहीं है।1. भीष्म पितामहभीष्म पितामह को … Read more

गया में पिंडदान क्यों होता है? इसका महत्व क्या है?

पितृपक्ष के प्रारंभ होते ही बिहार के गया में फल्गु नदी के तट सहित विभिन्न वेदियों पर हजारों श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और तर्पण करते हैं। यह परंपरा बहुत पुरानी है और माना जाता है कि पिंडदान से पूर्वजों की आत्मा को मुक्ति मिलती है। गया में पिंडदान का … Read more

गया में क्यों करते हैं श्राद्ध? जानिए इसके 5 प्रमुख कारण

भारत में पितृपक्ष के दौरान श्राद्ध और पिंडदान की परंपरा सदियों पुरानी है। हालांकि देश में कई जगहों पर पिंडदान किया जाता है, लेकिन बिहार का गया धाम इस धार्मिक अनुष्ठान का सबसे पवित्र और विशेष केंद्र माना गया है।यहाँ पिंडदान और श्राद्ध कर्म करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और संतान … Read more

कपूर के उपयोग एवं लाभ — संक्षेप

1. धार्मिक और पूजा में उपयोग: हिंदू पूजा में कपूर का प्रयोग अनिवार्य माना जाता है। कपूर जलाने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और वातावरण शुद्ध होता है। पूजा, हवन और आरती में कपूर का उपयोग शुभ माना जाता है। पितृदोष, कालसर्प दोष … Read more

जब माता पार्वती ने दिया शिव, विष्णु, नारद, कार्तिकेय और रावण को श्राप

एक बार भगवान शंकर ने माता पार्वती के साथ द्युत (जुआ) खेलने की अभिलाषा प्रकट की। खेल में भगवान शंकर अपना सब कुछ हार गए। हारने के बाद भोलेनाथ अपनी लीला को रचते हुए पत्तो के वस्त्र पहनकर गंगा के तट पर चले गए। कार्तिकेय जी को जब सारी बात पता चली, तो वह माता … Read more

भगवान शिव के आंसुओं से हुई थी रुद्राक्ष की उत्पत्ति

रुद्राक्ष की उत्पत्ति शिव के आंसुओं से मानी जाती है। इस बारे में पुराण में एक कथा प्रचलित है। कहते हैं एक बार भगवान शिव ने अपने मन को वश में कर दुनिया के कल्याण के लिए सैकड़ों सालों तक तप किया। एक दिन अचानक ही उनका मन दु:खी हो गया।जब … Read more

जानिए पौराणिक काल के 24 चर्चित श्राप और उनके पीछे की कहानी

हिन्दू पौराणिक ग्रंथो में अनेको अनेक श्रापों का वर्णन मिलता है। हर श्राप के पीछे कोई न कोई कहानी जरूर मिलती है। आज हम आपको हिन्दू धर्म ग्रंथो में उल्लेखित 24 ऐसे ही प्रसिद्ध श्राप और उनके पीछे की कहानी बताएँगे।1. युधिष्ठिर का स्त्री जाति को श्रापमहाभारत के शांति पर्व के अनुसार युद्ध समाप्त होने … Read more

भगवान शिव ने ही दिया था विष्णु को सुदर्शन चक्र

भगवान शिव व विष्णु से जुड़ी अनेक कथाएं हमारे धर्म ग्रंथों में मिलती है। ऐसी ही एक रोचक कथा कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी से भी जुड़ी है। इस दिन बैकुंठ चतुर्दशी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु व शिव की पूजा करने का विधान है। पुराणों में इस व्रत से जुड़ी जो कथा … Read more

जानिए कैसे पड़ा माता शक्ति का नाम दुर्गा?

पुरातन काल में दुर्गम नामक दैत्य हुआ। उसने भगवान ब्रह्मा को प्रसन्न कर सभी वेदों को अपने वश में कर लिया जिससे देवताओं का बल क्षीण हो गया। तब दुर्गम ने देवताओं को हराकर स्वर्ग पर कब्जा कर लिया। तब देवताओं को देवी भगवती का स्मरण हुआ। देवताओं ने शुंभ-निशुंभ, मधु-कैटभ … Read more

जब सती के भयंकर रूप से डर कर भागना पड़ा भगवान शिव को

देवी सती दक्ष प्रजापति की पुत्री थी और भगवान शिव की पहली पत्नी। देवी सती ने अपने पिता दक्ष प्रजापति के यज्ञ में कूदकर अपने प्राणों का त्याग कर दिया था, ये बातें तो सभी जानते हैं लेकिन देवी पुराण में इस प्रसंग के बारे में और भी रोचक बातें बताई गई हैं।देवी पुराण के … Read more