श्री गोपाल सहस्रनाम स्तोत्रं – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

ऊँ क्लीं देव: कामदेव: कामबीजशिरोमणि: ।श्रीगोपालको महीपाल: सर्वव्र्दान्तपरग: ।।1।। धरणीपालको धन्य: पुण्डरीक: सनातन: ।गोपतिर्भूपति: शास्ता प्रहर्ता विश्वतोमुख: ।।2।। आदिकर्ता महाकर्ता महाकाल: प्रतापवान ।जगज्जीवो जगद्धाता जगद्भर्ता जगद्वसु: ।।3।। मत्स्यो भीम: कुहूभर्ता हर्ता वाराहमूर्तिमान ।नारायणो ह्रषीकेशो गोविन्दो गरुडध्वज: ।।4।। गोकुलेन्द्रो महाचन्द्र: शर्वरीप्रियकारक: ।कमलामुखलोलाक्ष: पुण्डरीक शुभावह: ।।5।। दुर्वासा: कपीलो भौम: सिन्धुसागरसड़्गम: ।गोविन्दो गोपतिर्गोत्र: कालिन्दीप्रेमपूरक: ।।6।। गोपस्वामी गोकुलेन्द्रो गोवर्धनवरप्रद: … Read more

श्री ललिता सहस्रनाम स्तोत्र – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

श्री माता, श्री महाराज्ञी, श्रीमत्-सिंहासनेश्वरी |चिदग्नि कुण्डसम्भूता, देवकार्यसमुद्यता || 1 || उद्यद्भानु सहस्राभा, चतुर्बाहु समन्विता |रागस्वरूप पाशाढ्या, क्रोधाकाराङ्कुशोज्ज्वला || 2 || मनोरूपेक्षुकोदण्डा, पञ्चतन्मात्र सायका |निजारुण प्रभापूर मज्जद्-ब्रह्माण्डमण्डला || 3 || चम्पकाशोक पुन्नाग सौगन्धिक लसत्कचाकुरुविन्द मणिश्रेणी कनत्कोटीर मण्डिता || 4 || अष्टमी चन्द्र विभ्राज दलिकस्थल शोभिता |मुखचन्द्र कलङ्काभ मृगनाभि विशेषका || 5 || वदनस्मर माङ्गल्य गृहतोरण … Read more

श्री दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

नारद उवाच – कुमार गुणगम्भीर देवसेनापते प्रभो |सर्वाभीष्टप्रदं पुंसां सर्वपापप्रणाशनम् || 1|| गुह्याद्गुह्यतरं स्तोत्रं भक्तिवर्धकमञ्जसा |मङ्गलं ग्रहपीडादिशान्तिदं वक्तुमर्हसि || 2|| स्कन्द उवाच – शृणु नारद देवर्षे लोकानुग्रहकाम्यया |यत्पृच्छसि परं पुण्यं तत्ते वक्ष्यामि कौतुकात् || 3|| माता मे लोकजननी हिमवन्नगसत्तमात् |मेनायां ब्रह्मवादिन्यां प्रादुर्भूता हरप्रिया || 4|| महता तपसाऽऽराध्य शङ्करं लोकशङ्करम् |स्वमेव वल्लभं भेजे कलेव हि कलानिधिम् … Read more

श्री रामरक्षा स्तोत्र – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

चरितं रघुनाथस्य शतकोटि प्रविस्तरम्एकैकमक्षरं पुंसां महापातक नाशनम् ध्यात्वा नीलोत्पल श्यामं रामं राजीवलोचनम्जानकी लक्ष्मणोपेतं जटामुकुट मण्डितम् सासितूण धनुर्बाण पाणिं नक्तं चरान्तकम्स्वलीलया जगत्रातु माविर्भूतमजं विभुम् रामरक्षां पठेत्प्राज्ञः पापघ्नीं सर्वकामदाम्शिरो मे राघवः पातुफालं दशरथात्मजः कौसल्येयो दृशौपातु विश्वामित्र प्रियः शृतीघ्राणं पातु मखत्राता मुखं सौमित्रिवत्सलः जिह्वां विद्यानिधिः पातु कण्ठं भरत वन्दितःस्कन्धौ दिव्यायुधः पातु भुजौ भग्नेशकार्मुकः करौ सीतापतिः पातु हृदयं जामदग्न्यजित्मध्यं … Read more

श्री नारायण स्तोत्र – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

नारायण नारायण जय गोविन्द हरे ||नारायण नारायण जय गोपाल हरे || करुणापारावार वरुणालयगम्भीर नारायण || 1 ||घननीरदसङ्काश कृतकलिकल्मषनाशन नारायण || 2 ||यमुनातीरविहार धृतकौस्तुभमणिहार नारायण || 3 ||पीताम्बरपरिधान सुरकल्याणनिधान नारायण || 4 ||मञ्जुलगुञ्जाभूष मायामानुषवेष नारायण || 5 ||राधाधरमधुरसिक रजनीकरकुलतिलक नारायण || 6 ||मुरलीगानविनोद वेदस्तुतभूपाद नारायण || 7 ||बर्हिनिबर्हापीड नटनाटकफणिक्रीड नारायण || 8 ||वारिजभूषाभरण राजीवरुक्मिणीरमण नारायण || … Read more

श्रीलक्ष्मी स्तोत्रम् – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

सिंहासनगत: शक्रस्सम्प्राप्य त्रिदिवं पुन: ।देवराज्ये स्थितो देवीं तुष्टावाब्जकरां तत: ।।1।।अर्थ – इन्द्र ने स्वर्गलोक में जाकर फिर से देवराज्य पर अधिकार पाया और राजसिंहासन पर आरुढ़ हो पद्महस्ता श्रीलक्ष्मी जी की इस प्रकार स्तुति की – इन्द्र उवाच नमस्ये सर्वलोकानां जननीमब्जसम्भवाम्।श्रियमुन्निद्रपद्माक्षीं विष्णुवक्ष:स्थलस्थिताम्।।2।।अर्थ – इन्द्र बोले – सम्पूर्ण लोकों की जननी, विकसित कमल के सदृश नेत्रों … Read more

श्री धनलक्ष्मी स्तोत्रम् – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

पूजयन् पार्वतीवाक्यमिदमाह महेश्वरः।उचितं जगदम्बासि तव भूतानुकम्पया ॥३॥ स सीतं सानुजं रामं सांजनेयं सहानुगम्।प्रणम्य परमानन्दं वक्ष्येऽहं स्तोत्रमुत्तमम् ॥४॥ धनदं श्रद्धानानां सद्यः सुलभकारकम्।योगक्षेमकरं सत्यं सत्यमेव वचो मम ॥५॥ पठंतः पाठयंतोऽपि ब्रह्मणैरास्तिकोत्तमैः।धनलाभो भवेदाशु नाशमेति दरिद्रता ॥६॥ भूभवांशभवां भूत्यै भक्तिकल्पलतां शुभाम्।प्रार्थयत्तां यथाकामं कामधेनुस्वरूपिणीम् ॥७॥ धनदे धनदे देवि दानशीले दयाकरे।त्वं प्रसीद महेशानि! यदर्थं प्रार्थयाम्यहम् ॥८॥ धराऽमरप्रिये पुण्ये धन्ये धनदपूजिते।सुधनं र्धामिके … Read more

श्री अन्नपूर्णा स्तोत्रम् – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

नित्यानन्दकरी वराभयकरी सौन्दर्य रत्नाकरीनिर्धूताखिल घोर पावनकरी प्रत्यक्ष माहेश्वरी |प्रालेयाचल वंश पावनकरी काशीपुराधीश्वरीभिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी || 1 || नाना रत्न विचित्र भूषणकरि हेमाम्बराडम्बरीमुक्ताहार विलम्बमान विलसत्-वक्षोज कुम्भान्तरी |काश्मीरागरु वासिता रुचिकरी काशीपुराधीश्वरीभिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी || 2 || योगानन्दकरी रिपुक्षयकरी धर्मैक्य निष्ठाकरीचन्द्रार्कानल भासमान लहरी त्रैलोक्य रक्षाकरी |सर्वैश्वर्यकरी तपः फलकरी काशीपुराधीश्वरीभिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी || 3 || कैलासाचल … Read more

श्री गजेंद्र मोक्ष स्त्रोत – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

श्री गजेंद्र मोक्ष स्त्रोत पाठ के लाभविष्णुसहस्रनाम  गजेंद्र मोक्ष स्त्रोत का पाठ करने से पित्तर दोष से मुक्ति मिलती है. जो लोग कर्ज से परेशान हैं और उनके लिये कर्ज चुकाना अत्यंत कठिन हैं उन्हें भी गजेंद्र मोक्ष के पाठ से समस्या का समाधान मिलता है। || गजेंद्र मोक्ष स्त्रोत || (हिंदी अनुवाद सहित) ओं … Read more

श्री पुरुष सुक्तम – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

ॐ श्री गुरुभ्यो नमः हरी ॐ सहस्त्रशीर्षा पुरुष:सहस्राक्ष:सहस्रपात् |स भूमि सर्वत: स्पृत्वाSत्यतिष्ठद्द्शाङ्गुलम् ||१||जो सहस्रों सिरवाले, सहस्रों नेत्रवाले और सहस्रों चरणवाले विराट पुरुष हैं, वे सारे ब्रह्मांड को आवृत करके भी दस अंगुल शेष रहते हैं ||१|| पुरुषSएवेदं सर्व यद्भूतं यच्च भाव्यम् |उतामृतत्यस्येशानो यदन्नेनातिरोहति ||२||जो सृष्टि बन चुकी, जो बननेवाली है, यह सब विराट पुरुष ही … Read more