श्री बृहस्पति कवचम् – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

|| श्री बृहस्पति कवचम् ||अस्य श्रीबृहस्पति कवचमहा मन्त्रस्य, ईश्वर ऋषिः,अनुष्टुप् छन्दः, बृहस्पतिर्देवता,गं बीजं, श्रीं शक्तिः, क्लीं कीलकम्,बृहस्पति प्रसाद सिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः || ध्यानम्अभीष्टफलदं वन्दे सर्वज्ञं सुरपूजितम् |अक्षमालाधरं शान्तं प्रणमामि बृहस्पतिम् || अथ बृहस्पति कवचम्बृहस्पतिः शिरः पातु ललाटं पातु मे गुरुः |कर्णौ सुरगुरुः पातु नेत्रे मेभीष्टदायकः || 1 || जिह्वां पातु सुराचार्यः नासं मे वेदपारगः |मुखं … Read more

श्री शुक्र कवचं – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

|| श्री शुक्र कवचं || ध्यानम्मृणालकुन्देन्दुपयोजसुप्रभंपीताम्बरं प्रसृतमक्षमालिनम् |समस्तशास्त्रार्थविधिं महान्तंध्यायेत्कविं वाञ्छितमर्थसिद्धये || 1 || अथ शुक्रकवचम्शिरो मे भार्गवः पातु भालं पातु ग्रहाधिपः |नेत्रे दैत्यगुरुः पातु श्रोत्रे मे चन्दनद्युतिः || 2 || पातु मे नासिकां काव्यो वदनं दैत्यवन्दितः |वचनं चोशनाः पातु कण्ठं श्रीकण्ठभक्तिमान् || 3 || भुजौ तेजोनिधिः पातु कुक्षिं पातु मनोव्रजः |नाभिं भृगुसुतः पातु मध्यं पातु … Read more

श्री शनिवज्रपञ्जर कवचं – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

|| श्री शनिवज्रपञ्जर कवचं ||नीलाम्बरो नीलवपुः किरीटीगृध्रस्थितास्त्रकरो धनुष्मान् |चतुर्भुजः सूर्यसुतः प्रसन्नःसदा ममस्याद्वरदः प्रशान्तः || ब्रह्मा उवाच |शृणुध्वं ऋषयः सर्वे शनि पीडाहरं महत् |कवचं शनिराजस्य सौरैरिदमनुत्तमं || कवचं देवतावासं वज्र पञ्जर संङ्गकम् |शनैश्चर प्रीतिकरं सर्वसौभाग्यदायकम् || अथ श्री शनि वज्र पञ्जर कवचम् |ॐ श्री शनैश्चरः पातु भालं मे सूर्यनन्दनः |नेत्रे छायात्मजः पातु पातु कर्णौ यमानुजः || … Read more

श्री राहु कवचं – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

|| श्री राहु कवचं || ध्यानम्प्रणमामि सदा राहुं शूर्पाकारं किरीटिनम् |सैंहिकेयं करालास्यं लोकानामभयप्रदम् || 1|| | अथ राहु कवचम् |नीलाम्बरः शिरः पातु ललाटं लोकवन्दितः |चक्षुषी पातु मे राहुः श्रोत्रे त्वर्धशरिरवान् || 2|| नासिकां मे धूम्रवर्णः शूलपाणिर्मुखं मम |जिह्वां मे सिंहिकासूनुः कण्ठं मे कठिनाङ्घ्रिकः || 3|| भुजङ्गेशो भुजौ पातु नीलमाल्याम्बरः करौ |पातु वक्षःस्थलं मन्त्री पातु कुक्षिं … Read more

श्री केतु कवचं – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

|| श्री केतु कवचं || ध्यानंकेतुं करालवदनं चित्रवर्णं किरीटिनम् |प्रणमामि सदा केतुं ध्वजाकारं ग्रहेश्वरम् || 1 || | अथ केतु कवचम् |चित्रवर्णः शिरः पातु भालं धूम्रसमद्युतिः |पातु नेत्रे पिङ्गलाक्षः श्रुती मे रक्तलोचनः || 2 || घ्राणं पातु सुवर्णाभश्चिबुकं सिंहिकासुतः |पातु कण्ठं च मे केतुः स्कन्धौ पातु ग्रहाधिपः || 3 || हस्तौ पातु सुरश्रेष्ठः कुक्षिं पातु … Read more

श्री नवग्रह कवचं – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

|| श्री नवग्रह कवचं || नवग्रह ध्यानश्लोकम्आदित्याय च सोमाय मङ्गलाय बुधाय च |गुरु शुक्र शनिभ्यश्च राहवे केतवे नमः || रविःजपाकुसुम सङ्काशं काश्यपेयं महाद्युतिम् |तमोरियं सर्व पापघ्नं प्रणतोस्मि दिवाकरम् || चन्द्रःदथिशज्ञ तुषाराभं क्षीरार्णव समुद्भवम् |नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्-मकुट भूषणम् || कुजःधरणी गर्भ सम्भूतं विद्युत्कान्ति समप्रभम् |कुमारं शक्ति हस्तं तं मङ्गलं प्रणमाम्यहम् || बुधःप्रियङ्गु कलिकाश्यामं रूपेणा प्रतिमं … Read more

श्री गायत्री मंत्र – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

गायत्री मंत्र सर्वप्रथम ब्रम्हऋषि विश्वामित्र के समक्ष प्रकट किया गया। गायत्री मंत्र का मूल महत्व सूर्य देवता की उपासना है। वेद के अनुसार, गायत्री मंत्र का जप प्रातःकाल और सांयकाल में सूर्य देवता के समक्ष किया जा सकता है। गायत्री मंत्र का जाप दिन में तीन बार प्रातः, मध्यान्ह और संध्या को किया जा सकता … Read more

स्वयं सिद्ध मन्त्र – हिन्दू पंचांग ब्लॉग

ॐ श्री राम दूताय नमः यह हनुमान जी का पंचाक्षरी मन्त्र है जो की स्वयं सिद्ध है। श्री हनुमान जी के इस मन्त्र में स्थित ॐ के माध्यम से पर ब्रह्मा परमात्मा की कृपा, श्री के माध्यम से श्री लक्ष्मी अर्थात माता जानकी जी की कृपा, राम के माध्यम से श्री हनुमान जी के प्रिय … Read more

सूर्य भगवान के 21 नाम

भगवान सूर्य ने साम्ब से कहा – मैं अपने अतिशय गोपनीय, पवित्र इक्कीस शुभ नामों को बताता हूँ।इनके पाठ करने से सहस्त्र नाम के पाठ का फल प्राप्त होगा। मेरे इक्कीस नाम इस प्रकार है – विकर्तन ( विप्पतिओं को काटने तथा नष्ट करने वाले), विवस्वान (प्रकाश रूप), मार्तंड (जिन्होंने अंड में … Read more

श्री सीताराम दर्शन के लिए

About ज्योतिष से जुड़ी सभी जानकारियों के लिए आपके विश्वसनीय स्रोत, HinduPanchang में आपका स्वागत है! हम ब्रह्मांड के रहस्यों की खोज करने और आपके जीवन के लिए सितारों और ग्रहों की अंतर्दृष्टि को अनलॉक करने में आपकी सहायता करने के लिए उत्साहित हैं। Welcome to HindPanchang, your trusted source for all … Read more